असम विधानसभा चुनाव: भाजपा 103 सीटें जीतने की उम्मीद जताई
भाजपा की चुनावी रणनीति
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों में 126 सीटों में से 103 सीटें जीतने की संभावना रखते हैं। सरमा ने कामरूप महानगरपालिका जिले के दिमोरिया में एक कार्यक्रम में कहा कि वह सटीक आंकड़ा नहीं देना चाहते, लेकिन इस बार उनके पास 103 सीटें जीतने का अवसर है। पहले यह संख्या लगभग 90 सीटों की थी, लेकिन परिसीमन के बाद यह 13-15 सीटों से बढ़ गई है।
कांग्रेस की चुनावी तैयारी
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव ने शनिवार रात एक अधिसूचना जारी की, जिसमें प्रियंका गांधी वाड्रा को असम विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की चयन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। चुनाव आयोग ने अगस्त 2023 में राज्य की 126 विधानसभा सीटों और 14 लोकसभा सीटों का परिसीमन पूरा किया था, जिसके परिणामस्वरूप कई निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण हुआ। भाजपा ने कहा था कि इस प्रक्रिया से राज्य की स्वदेशी आबादी के लिए अधिकतर सीटें सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।
भाजपा का चुनावी दृष्टिकोण
सरमा ने बताया कि भाजपा और उसके सहयोगी दल 103 सीटों पर पूरी ताकत से चुनाव लड़ेंगे, जबकि शेष 23-24 सीटों पर उनकी जीत की संभावना कम है। उन सीटों पर केवल प्रतीकात्मक मुकाबला होगा। जिन 103 सीटों पर भाजपा कड़ी टक्कर देगी, उनमें से मतदाता उन्हें 100, 90 या 80 सीटें दे सकते हैं। भाजपा वर्तमान में असम में तीन क्षेत्रीय दलों - असम गण परिषद (एजीपी), यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के साथ गठबंधन में है। इन दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है।
कांग्रेस का चुनावी दृष्टिकोण
इस बीच, असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा है कि उनकी पार्टी 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि शेष 26 सीटें रायजोर दल, असम जातीय परिषद और सीपीआई (एम) जैसे अन्य संभावित सहयोगियों के लिए छोड़ी जाएंगी। गोगोई ने यह भी स्पष्ट किया कि अखिल भारतीय संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (एयूआईडीएफ) विपक्षी गठबंधन का हिस्सा नहीं होगा।
