अभय चौटाला की विवादास्पद टिप्पणी: भारत में आंदोलन की आवश्यकता
अभय चौटाला का बयान
भारतीय राष्ट्रीय लोक दल (आईएनएलडी) के अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने हाल ही में एक विवादास्पद बयान दिया है, जिसमें उन्होंने भारत में श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में हुए आंदोलनों की तर्ज पर जन आंदोलन की आवश्यकता की बात की। चौटाला का कहना है कि इन देशों में युवाओं के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों को भारत में मौजूदा सरकार को हटाने के लिए एक उदाहरण के रूप में लिया जाना चाहिए।
भाजपा की प्रतिक्रिया
चौटाला के इस बयान के बाद भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं की यह बयानबाजी संविधान के खिलाफ है और यह भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विश्वास को कमजोर करती है।
विपक्ष की आलोचना
पूनावाला ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता, जैसे राहुल गांधी, राजनीतिक लाभ के लिए लोकतंत्र के खिलाफ जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चौटाला की टिप्पणी भारत की राजनीतिक व्यवस्था की वैधता को चुनौती देती है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चौटाला की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत-विरोधी विमर्श को बढ़ावा देती है। उन्होंने राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि वे इस विमर्श को फैलाने में सक्रिय हैं।
ट्विटर पर प्रतिक्रिया
Abhay Chautala, JJP who stood against BJP in Haryana Assembly polls says:
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) January 2, 2026
" time has come to repeat what has happened in Bangladesh, Nepal in India"
The fire of this Anti India Narrative has been propelled by Rahul Gandhi........
Leaders in Opposition after repeated defeats… pic.twitter.com/6uszWyK4S8
