अखिलेश यादव ने भदोही का नाम बदलने पर योगी सरकार पर साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भदोही जिले का नाम संत रविदास नगर करने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नाम बदलने का यह खेल अब खत्म हो चुका है, क्योंकि जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में सरकार बदलने के लिए तैयार है। यादव ने भाजपा के समरसता संकल्प अभियान पर भी सवाल उठाए और समाजवादी पार्टी पर विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया। इस लेख में जानें पूरी जानकारी और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य।
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भदोही का नाम संत रविदास नगर करने का निर्णय

लखनऊ, 29 जुलाई: समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव ने बुधवार को भदोही जिले का नाम पुनः संत रविदास नगर करने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्णय पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि ‘‘नाम बदलने का खेल’’ अब समाप्त हो चुका है, क्योंकि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में जनता सरकार को बदलने के लिए तैयार है। यादव ने वाराणसी में की गई घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘‘जो लोग देवी-देवताओं के नाम तक बदल सकते हैं, उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है? अब नाम बदलने का यह खेल खत्म होगा, क्योंकि जनता सरकार बदलने के लिए तैयार है।’’


सपा प्रमुख की यह टिप्पणी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘समरसता संकल्प अभियान’ के शुभारंभ के दौरान भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर करने की घोषणा के कुछ घंटे बाद आई।


भाजपा के इस अभियान को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दलितों से संपर्क स्थापित करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। भदोही जिले का नाम पहले संत रविदास नगर था, जिसे समाजवादी पार्टी की सरकार ने 6 दिसंबर, 2014 को बदलकर भदोही कर दिया था। आदित्यनाथ ने वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर जिले का पुराना नाम बहाल करना उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।


मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे निर्णय उन लोगों को पसंद नहीं आएंगे, ‘‘जो बाबर और औरंगजेब को अपना आदर्श मानते हैं।’’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ‘‘लोगों को बांटने और आपस में लड़ाने का काम करती है।’’