अखिलेश यादव ने पीडीए समुदाय से वोटों की एकता की अपील की
पीडीए वोटों की सुरक्षा पर जोर
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने गुरुवार को मतदाताओं और 'पीडीए संरक्षकों' से आगामी चुनावों में पीडीए समुदाय के वोटों को एकजुट रखने की अपील की। उन्होंने कहा, "एक भी वोट विभाजित न हो, एक भी वोट कम न हो," और एकता के महत्व पर जोर दिया। यादव ने चेतावनी दी कि भाजपा सरकार मतदाता सूचियों में छूटे नामों का दुरुपयोग कर सकती है, जिससे नागरिक सरकारी योजनाओं, नौकरियों, राशन कार्ड, भूमि और अन्य अधिकारों से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपने वोटर आईडी को नागरिक पहचान के रूप में मानने और मतदान के समय सतर्क रहने का आग्रह किया।
भ्रष्ट सरकार के खिलाफ वोटों की सुरक्षा
उन्होंने आगे कहा कि वोटों की सुरक्षा केवल 'भ्रष्ट सरकार' को हटाने के लिए नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों, आरक्षण और संपत्ति की रक्षा के लिए भी आवश्यक है। यादव ने कहा, "अपना वोट डालें, अपने भविष्य की रक्षा करें," और सभी पीडीए सदस्यों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। उन्होंने X पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा, "प्रिय मतदाताओं और पीडीए संरक्षकों, यह एक बार फिर से अपील है कि वे पीडीए सोसाइटी के वोटों को विभाजित करने की किसी भी साजिश को विफल करें।"
भाजपा सरकार की रणनीतियों पर चिंता
यादव ने कहा कि भाजपा सरकार निर्विरोध चुनाव का खेल खेल सकती है और वोटों को बांटने के लिए कुछ भी कर सकती है, क्योंकि उनका गुप्त उद्देश्य चुनाव जीतना और फिर भ्रष्टाचार में लिप्त होना है। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज को यह सोचकर आगे बढ़ना चाहिए कि जब हमें वोट देने का अधिकार है, तब भी हम उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। अगर वोट देने का अधिकार हमारे हाथ में नहीं है, तो हम और अधिक प्रताड़ित होंगे।
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की चिंता
इससे पहले, मंगलवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) की मसौदा मतदाता सूची से 2.89 करोड़ मतदाताओं को हटाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इसे एक "बड़ी साजिश" बताते हुए मामले की गहन जांच की मांग की।
