NCP में सुनेत्रा पवार के चुनाव पर उठे विवाद के बीच अंदरूनी कलह
NCP में उठे विवाद का कारण
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर के अंतर्विरोध खुलकर सामने आए हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद से NCP में अंदरूनी कलह बढ़ गई है। एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने इस चुनाव प्रक्रिया की वैधता को चुनौती देते हुए इसे 'असंवैधानिक' करार दिया है और 15 दिनों के भीतर नए चुनाव कराने की मांग की है।
कानूनी नोटिस और आरोप
NCP के राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह ने सुनेत्रा पवार के अध्यक्ष चुने जाने के खिलाफ मोर्चा खोला है। उन्होंने एक कानूनी नोटिस भेजा है, जिसमें दावा किया गया है कि 26 फरवरी को हुआ चुनाव असंवैधानिक था। इस नोटिस में कहा गया है कि इसे तुरंत 'अमान्य' घोषित किया जाना चाहिए। यह नोटिस सुनेत्रा पवार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और महासचिव बृजमोहन श्रीवास्तव को भेजा गया है।
चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि चुनाव प्रक्रिया NCP के संविधान के नियमों का पालन किए बिना शुरू की गई थी। 28 जनवरी को अजीत पवार के निधन के बाद, पार्टी ने चुनाव आयोग को सूचित किया था कि नया अध्यक्ष चुने जाने तक प्रफुल्ल पटेल कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे।
चुनाव की वैधता पर उठे सवाल
सच्चिदानंद सिंह का कहना है कि संशोधित संविधान के अनुसार, केवल प्रफुल्ल पटेल को ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाने का अधिकार था। उन्होंने आरोप लगाया कि बृजमोहन श्रीवास्तव ने 26 फरवरी को बैठक कैसे बुला ली, जबकि उनके पास ऐसा करने का अधिकार नहीं था।
आगे की कार्रवाई
सिंह ने चुनाव आयोग को भेजे गए पार्टी के कम्युनिकेशन को वापस लेने की मांग की है और एक स्वतंत्र चुनाव प्राधिकरण के तहत नए चुनाव कराने की भी मांग की है। नोटिस में पार्टी नेतृत्व को इन मांगों को पूरा करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। NCP के प्रवक्ता सूरज चव्हाण ने कहा कि सिंह ने 26 फरवरी को नेशनल कन्वेंशन में सुनेत्रा पवार के पक्ष में वोट दिया था और चुनाव प्रक्रिया में सभी नियमों का पालन किया गया था।
