AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाया, अशोक मित्तल को मिली जिम्मेदारी

आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया है और उनकी जगह अशोक मित्तल को नियुक्त किया गया है। इस निर्णय के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है, लेकिन चड्ढा ने हाल के समय में पार्टी से दूरी बना ली थी। जानें इस बदलाव के बारे में और अशोक मित्तल की पृष्ठभूमि के बारे में।
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AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाया, अशोक मित्तल को मिली जिम्मेदारी

राघव चड्ढा का पद परिवर्तन

AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा उपनेता पद से हटाया, अशोक मित्तल को मिली जिम्मेदारी

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) ने हाल ही में सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता के पद से हटा दिया है। उनकी जगह अब यह जिम्मेदारी राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को सौंपी गई है। पार्टी ने इस संबंध में राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र भेजा है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सदन में पार्टी की ओर से बोलने का समय राघव को नहीं दिया जाएगा। राघव चड्ढा 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2028 तक है।

हालांकि, पार्टी ने इस निर्णय के पीछे का कारण नहीं बताया है। राघव चड्ढा ने हाल के समय में पार्टी से दूरी बना ली थी और उन्होंने AAP के बारे में कोई बयान नहीं दिया है।

उदाहरण के लिए, 27 फरवरी को जब एक निचली अदालत ने अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले में राहत दी, तब भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। राज्यसभा में वे गिग वर्कर्स और स्कूल फीस जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे।

आम आदमी पार्टी ने उपनेता की जिम्मेदारी अशोक मित्तल को सौंपी है। अशोक मित्तल भी पंजाब से AAP के राज्यसभा सांसद हैं और जालंधर के निवासी हैं। वे लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक और चांसलर हैं। 2022 में वे राज्यसभा सांसद बने थे और राजनीति में आने से पहले वे एक सफल व्यवसायी रहे हैं। उनका परिवार ‘लवली ग्रुप’ का मालिक है, जो ऑटोमोबाइल और मिठाई के व्यवसाय में सक्रिय है।

शीतकालीन सत्र 2025 में गिग वर्कर्स के मुद्दे पर चर्चा की गई, जिसमें ब्लिंकिट, जोमैटो और स्विगी जैसे डिलीवरी पार्टनर्स के कम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की कमी पर ध्यान केंद्रित किया गया।

डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के लिए कॉपीराइट एक्ट 1957 में संशोधन की मांग की गई, ताकि शिक्षकों और इन्फ्लुएंसर्स को एल्गोरिदम और गलत ‘टेकडाउन’ से बचाया जा सके। स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘एक देश, एक स्वास्थ्य उपचार’ की वकालत की गई और निजी अस्पतालों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई।

बजट सत्र 2026 में खाद्य मिलावट और एयरपोर्ट पर सस्ते खाने की मांग उठाई गई। इसके अलावा, मोबाइल रीचार्ज की अवधि को 28 दिन से बढ़ाकर पूरे कैलेंडर महीने करने का प्रस्ताव दिया गया।

इसके साथ ही, बैंक पेनल्टी को खत्म करने और विवाहित जोड़ों के लिए संयुक्त इनकम टैक्स फाइलिंग का विकल्प देने की भी बात की गई। पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।