अखिलेश यादव ने भाजपा पर लगाया आरोप, पदावनति की कार्रवाई की निंदा की

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में एक प्रेस वार्ता में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एक कर्मचारी की पदावनति आंबेडकर जयंती पर प्रसाद देने के कारण की गई है। अंजलि मैसी नाम की महिला ने अपने पिता की पदावनति का मामला उठाया, जिसे यादव ने भाजपा के इशारे पर की गई कार्रवाई बताया। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और यादव के आरोपों का क्या है सच।
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अखिलेश यादव ने भाजपा पर लगाया आरोप, पदावनति की कार्रवाई की निंदा की gyanhigyan

सपा प्रमुख की प्रेस वार्ता में उठे गंभीर सवाल

समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पिछले महीने आंबेडकर जयंती पर एक भंडारे में प्रसाद देने वाले एक कर्मचारी की पदावनति को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर की गई कार्रवाई बताया। उन्होंने इस कदम की कड़ी निंदा की।


सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान, अंजलि मैसी नाम की एक महिला ने दावा किया कि उसके पिता, उमेश कुमार, छावनी बोर्ड में सुपरवाइजर थे और उन्होंने 14 अप्रैल को आंबेडकर जयंती के अवसर पर सपा प्रमुख को प्रसाद दिया था।


अंजलि ने आरोप लगाया कि इसके बाद उसके पिता को पदावनत कर सफाई कर्मी बना दिया गया। यादव ने इस मामले में पूछे जाने पर कहा कि यह कार्रवाई ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ है। उन्होंने कहा कि वह उस महिला को पहले नहीं जानते थे, लेकिन वह गुरुद्वारे में एक भंडारे में शामिल हुए थे।


यादव ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई भाजपा के लोगों के इशारे पर की गई है और उन्होंने आश्वासन दिया कि वह इस मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाएंगे।


अंजलि मैसी ने कहा कि वह इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा की गलत हरकतों को उजागर करने आई हैं। उमेश कुमार ने 14 अप्रैल को भंडारे का आयोजन किया था और वरिष्ठ अधिकारियों को निमंत्रण भेजा था।


हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का कारण उमेश का अखिलेश यादव को प्रसाद देना नहीं, बल्कि सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन करना था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्होंने बोर्ड को बिना जानकारी दिए सीधे वरिष्ठ अधिकारियों को निमंत्रण पत्र भेजा था।