NIA ने ISIS से जुड़े आतंकवादी साजिश का किया खुलासा, डॉक्टर और सहयोगियों पर लगे गंभीर आरोप

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने आईएसआईएस से जुड़े एक गंभीर आतंकवादी साजिश का खुलासा किया है। एक डॉक्टर और उसके दो सहयोगियों पर सार्वजनिक स्थलों पर जैविक जहर का उपयोग कर आतंक फैलाने की योजना बनाने का आरोप लगाया गया है। आरोपियों ने इस्लामिक स्टेट के विदेशी आकाओं के निर्देश पर भोले युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का प्रयास किया। इस मामले में एनआईए ने आरोपपत्र दाखिल कर कानूनी कार्रवाई को और मजबूत किया है।
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NIA ने ISIS से जुड़े आतंकवादी साजिश का किया खुलासा, डॉक्टर और सहयोगियों पर लगे गंभीर आरोप gyanhigyan

ISIS से जुड़े आतंकवादी साजिश का पर्दाफाश

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने आईएसआईएस से संबंधित एक खतरनाक साजिश का खुलासा किया है। एनआईए ने अहमदाबाद की विशेष अदालत में एक डॉक्टर और उसके दो सहयोगियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। इन पर सार्वजनिक स्थलों पर 'जैविक जहर' का उपयोग कर आतंक फैलाने की योजना बनाने का गंभीर आरोप लगाया गया है.


आरोपियों की पहचान और साजिश का विवरण

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, आरोपियों की पहचान हैदराबाद के डॉ. सैयद अहमद मोहिउद्दीन और उत्तर प्रदेश के आज़ाद तथा मोहम्मद सुहेल के रूप में हुई है। एनआईए के अनुसार, इन आरोपियों ने इस्लामिक स्टेट के विदेशी आकाओं के निर्देश पर काम करते हुए, भोले-भाले युवाओं की भर्ती की, जिन्हें जिहाद के लिए कट्टरपंथी बनाया गया.


रिसिन का उपयोग करने की योजना

बयान में कहा गया है कि आरोपियों ने आईएसआईएस के एजेंडे को पूरा करने के लिए रिसिन का उपयोग करने की योजना बनाई थी। रिसिन एक अत्यंत विषैला पदार्थ है, जो अरंडी के बीजों से प्राप्त होता है और इसे रासायनिक हथियारों की श्रेणी में रखा गया है. यह मामला गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा दर्ज किया गया था, और इसकी गंभीरता को देखते हुए एनआईए को सौंपा गया.


डॉक्टर की गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई

डॉ. मोहिउद्दीन को चीन से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करने के बाद एक टोल प्लाज़ा पर गिरफ्तार किया गया था, जब उसकी कार में अवैध हथियार और चार लीटर अरंडी के तेल से भरी एक बोतल मिली थी. एटीएस की जांच के दौरान उसी दिन दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया था.


कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, एनआईए ने आरोपपत्र दाखिल कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को और मजबूत किया है.