NIA की बड़ी कार्रवाई: लेथपोरा हमले से जुड़े आरोपी की संपत्तियां जब्त
NIA की कार्रवाई का विवरण
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 22 अप्रैल 2026 को जम्मू-कश्मीर में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए 2017 के लेथपोरा CRPF कैंप हमले से जुड़े एक संदिग्ध की कई संपत्तियों को अटैच किया। यह कदम आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है.
संपत्तियों की जब्ती
NIA ने यह कार्रवाई UAPA के तहत की है। एजेंसी के अनुसार, यह कदम जम्मू स्थित NIA स्पेशल कोर्ट के हालिया आदेशों के बाद उठाया गया। जब्त की गई संपत्तियों में लेथपोरा क्षेत्र में कई जमीन के टुकड़े और आवासीय मकान शामिल हैं, जो अवंतीपोरा थाना क्षेत्र में आते हैं.
आरोपी की पहचान
NIA का कहना है कि ये संपत्तियां आतंकवाद से अर्जित धन, जिसे प्रोसीड्स ऑफ टेररिज्म कहा जाता है, के अंतर्गत आती हैं। ये संपत्तियां फैयाज अहमद मगरे की बताई गई हैं, जो लेथपोरा का निवासी है और फरवरी 2019 में इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। NIA ने अगस्त 2019 में उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, और वर्तमान में उसके खिलाफ सुनवाई जारी है.
लेथपोरा हमले का विवरण
NIA के अनुसार, 30 दिसंबर 2017 की रात को CRPF के लेथपोरा कैंप पर तीन आतंकियों ने हमला किया था। ये हमलावर आधुनिक हथियारों, विस्फोटकों और भारी मात्रा में गोला-बारूद से लैस थे। उन्होंने जबरन कैंप में प्रवेश किया और जवानों पर हमला किया, जिसमें पांच CRPF जवान शहीद हो गए और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकियों को मार गिराया गया.
फैयाज का आतंकवाद में योगदान
जांच में यह सामने आया कि फैयाज अहमद मगरे दक्षिण कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद का सक्रिय ओवर ग्राउंड वर्कर था। NIA के अनुसार, उसने हमले की योजना बनाने वाले आतंकियों के साथ बैठकों में भाग लिया और CRPF कैंप की रेकी भी की। इसके अलावा, उसने मुदासिर के लिए हथियारों का इंतजाम किया और बाद में उसे भागने में मदद की.
NIA की रणनीति
NIA के अनुसार, नूर मोहम्मद तंत्रे, जो CRPF कैंप हमले से पहले सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था, और मुदासिर अहमद खान, जो बाद में एक अन्य एनकाउंटर में ढेर हुआ, के साथ फैयाज का संबंध था। NIA की इस कार्रवाई को जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। एजेंसी अब उन लोगों और उनकी संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो आतंकियों को जमीन, धन, हथियार या लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करते हैं.
