NEET पेपर लीक पर सोनम वांगचुक का बड़ा दावा, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई न करने की मांग

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने NEET पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने का आश्वासन मांगा है। उन्होंने भूख हड़ताल खत्म करने की बात कही है। वहीं, दिल्ली हाई कोर्ट ने CJP मार्च के दौरान बल प्रयोग के मामले में केंद्र और पुलिस से जवाब मांगा है। जानिए इस मामले में क्या हुआ है और आगे की सुनवाई कब होगी।
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सोनम वांगचुक का बयान

पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया है कि NEET पेपर लीक मामले में जिम्मेदारी तय करने के प्रयासों के तहत, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सकारात्मक विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन देती है, तो वे अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे। उन्होंने सरकार को एक पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा कि वे चाहते हैं कि इस आंदोलन में शामिल किसी भी युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक या प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई न की जाए। उनका एकमात्र अपराध एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा प्रणाली के लिए आवाज उठाना है।


CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट पर कार्रवाई

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बुधवार को यह आरोप लगाया कि CJP का इंस्टाग्राम अकाउंट बंद कर दिया गया है और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया।


दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश

दिल्ली HC ने CJP मार्च के दौरान बल प्रयोग पर मांगा जवाब

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को CJP मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के मामले में केंद्र और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी। कोर्ट ने उन दो याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की, जिनमें CJP के मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर अत्यधिक बल प्रयोग की SIT जांच की मांग की गई थी। वकीलों ने तर्क दिया कि पुलिस ने बिना किसी चेतावनी के शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया और कोर्ट से अनुरोध किया कि वे एडिशनल DCP संदीप लांबा को तलब करें, जिन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला के साथ शारीरिक मारपीट की थी। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने कहा कि तथाकथित शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन वास्तव में शांतिपूर्ण नहीं था और ऐसे वीडियो मौजूद हैं जिनमें पुलिसकर्मियों को घायल होते हुए देखा जा सकता है।