NEET-UG परीक्षा रद्द करने की मांग पर छात्रों का प्रदर्शन तेज
छात्रों का विरोध प्रदर्शन
राष्ट्रीय राजधानी में NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक के आरोपों के चलते छात्रों और संगठनों ने परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन बढ़ा दिया है। इस स्थिति ने लोगों में गुस्सा और निराशा को जन्म दिया है। प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NEET) के कार्यालय के बाहर इकट्ठा हुए और अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की। वैकल्पिक राजनीति के छात्रों के संगठन (ASAP) के एक प्रवक्ता ने बार-बार परीक्षा में गड़बड़ी के लिए मौजूदा प्रशासन की आलोचना की, यह कहते हुए कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में यह चौथी या पांचवीं बार है जब ऐसा हुआ है।
जंतर-मंतर पर अतिरिक्त प्रदर्शन
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ ने जंतर-मंतर पर और भी विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां उठाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग की। इस विरोध के जवाब में, राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान (एनटीए) ने NEET-UG 2026 परीक्षा को पुनर्निर्धारित करने का निर्णय लिया। इस बीच, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार किए गए सभी पांच आरोपियों को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न राज्यों से गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों को सीबीआई मामलों के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत में पेश किया गया। आरोपियों की पहचान नासिक (महाराष्ट्र) के शुभम खैरनार, जयपुर (राजस्थान) के मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और गुरुग्राम (हरियाणा) के यश यादव के रूप में हुई है। सीबीआई ने खैरनार (30) की दो दिवसीय 'ट्रांजिट रिमांड' मुंबई की अदालत से प्राप्त करने के बाद दिल्ली लाया है।
खैरनार की संलिप्तता
महाराष्ट्र के नासिक जिले के नंदगांव निवासी खैरनार का नाम प्रश्नपत्र लीक में शामिल होने के आरोप में सामने आया है। सीबीआई ने मुंबई की अदालत में खैरनार की 'ट्रांजिट रिमांड' मांगते हुए कहा कि कई राज्यों के व्यक्तियों की संलिप्तता का संदेह है और जांच के लिए उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की आवश्यकता है। राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा-स्नातक (NEET-UG) 2026 परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी।
