NEET-UG परीक्षा पेपर लीक पर भारतीय युवा कांग्रेस का प्रदर्शन
दिल्ली में आईवाईसी का विरोध प्रदर्शन
भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) ने दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें उन्होंने NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक के मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की। दिल्ली युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लकरा के नेतृत्व में, ये लोग रायसीना रोड की ओर बढ़े और मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की स्थापना की मांग की। आईवाईसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने भाजपा सरकार की परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफलता की आलोचना की।
कांग्रेस की मांगें
कांग्रेस ने NEET-UG परीक्षा को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। पार्टी के युवा विंग के अध्यक्ष उदय भानु चिब और एनएसयूआई के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार को उन बच्चों को उचित मुआवजा देना चाहिए, जो परीक्षा रद्द होने से प्रभावित हुए हैं।
पेपर लीक का गंभीर मुद्दा
चिब ने कहा कि NEET पेपर लीक एक गंभीर समस्या है, जिसमें पिछले 10 वर्षों में 89 पेपर लीक हुए हैं और 48 बार परीक्षाएं दोबारा आयोजित की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारी समाप्त कर दी है। चिब ने यह भी कहा कि बच्चों की मेहनत पर पानी फेरने वाले इस पेपर लीक से उनका सिस्टम पर विश्वास उठ जाता है। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वे पेपर लीक को रोकने में असफल रहे हैं।
एनटीए की ऑडिट प्रक्रिया पर सवाल
चिब ने यह भी सवाल उठाया कि एनटीए का ऑडिट कौन करता है और निजी वेंडर को काम देने के लिए क्या आधार है। उन्होंने मांग की कि शिक्षा मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए, सरकार को बच्चों को मुआवजा देना चाहिए और NEET पेपर लीक की जांच के लिए जेपीसी का गठन होना चाहिए। विनोद जाखड़ ने कहा कि यह पेपर लीक राजस्थान से संबंधित है और इसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था, जिससे लाखों बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ।
