NEET-UG 2026 पेपर लीक: CBI ने किया बड़ा खुलासा
CBI की चार्जशीट में खुलासा
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक को एक सुनियोजित आपराधिक साजिश बताया है, जो कई राज्यों में फैली हुई थी। इसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नियुक्त विषय विशेषज्ञ, कोचिंग संचालक, दलाल और उम्मीदवार शामिल थे। CBI ने अपनी चार्जशीट में 13 आरोपियों के नाम दर्ज किए हैं और कहा है कि यह लीक परीक्षा से कई महीने पहले से योजना बनाई गई थी, न कि अचानक से की गई थी।
विशेषज्ञों की भूमिका
CBI के अनुसार, NTA द्वारा नियुक्त बॉटनी, केमिस्ट्री और फिजिक्स के विशेषज्ञों ने गोपनीय परीक्षा पत्रों तक पहुँचने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। जांचकर्ताओं का मानना है कि ये विशेषज्ञ एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे, जो लीक हुए प्रश्न-पत्रों को उम्मीदवारों तक पहुँचाने में मदद कर रहे थे। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कोचिंग संचालकों, दलालों और निजी बिचौलियों ने पेपर वितरण के लिए एक गुप्त सप्लाई चेन बनाई थी।
साक्ष्य और तकनीकी जांच
जांच में यह भी सामने आया कि लीक हुए प्रश्नों को फैलाने के लिए WhatsApp, Telegram, PDF दस्तावेज़ और फ़ोटो का उपयोग किया गया। जब्त किए गए मोबाइल फ़ोनों की फोरेंसिक जांच ने जांचकर्ताओं को पेपर के प्रवाह का पता लगाने में मदद की। चार्जशीट में कहा गया है कि डिजिटल सबूतों में चैट, लीक हुए प्रश्न-पत्र और दस्तावेज़ शामिल थे। आरोपी यश यादव के पास से जब्त मोबाइल में लीक हुए NEET सवालों की PDF फ़ाइलें और Telegram पर हुई बातचीत मिली।
साजिश का नेटवर्क
जांचकर्ताओं को एक कॉन्टैक्ट मिला, जिसे AP Broker के नाम से सेव किया गया था, जिसकी पहचान CBI ने सह-आरोपी शुभम मधुकर खैरनार के रूप में की। इसके अलावा, फोरेंसिक जांच में NEET 2026 नामक एक WhatsApp ग्रुप का भी पता चला, जिसका उपयोग साजिश के दौरान किया गया था।
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