NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द: NSUI का केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

NEET-UG 2026 परीक्षा के रद्द होने के बाद, NSUI के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने तख्तियों के साथ नारेबाजी की, जबकि पुलिस ने उन्हें चेतावनी दी। एनटीए ने परीक्षा रद्द करने का निर्णय पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लिया है, और सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और आगे की कार्रवाई के बारे में।
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NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने पर छात्रों का विरोध

NEET-UG 2026 परीक्षा के रद्द होने के बाद, पेपर लीक के आरोपों के चलते नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के सदस्यों ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने तख्तियां उठाई और नारेबाजी की। एक तख्ती पर लिखा था, 'डॉक्टर की डिग्री बिक रही है।' प्रदर्शन के दृश्य में पुलिसकर्मी भी दिखाई दिए, जो प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दे रहे थे कि यदि वे नहीं हटते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने पहले 3 मई को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) 2026 परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की थी और कहा कि नई परीक्षा तिथियों की घोषणा अलग से की जाएगी।


परीक्षा रद्द करने का कारण

एनटीए ने बताया कि परीक्षा से जुड़े आरोपों की गहन जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जाएगी। एनटीए ने एक बयान में कहा कि यह निर्णय पारदर्शिता बनाए रखने और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास को बनाए रखने के लिए लिया गया है। एनटीए ने केंद्रीय एजेंसियों से प्राप्त जानकारी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा साझा किए गए निष्कर्षों के आधार पर 3 मई 2026 को आयोजित होने वाली परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया है। परीक्षा की नई तिथियों और पुनः जारी प्रवेश पत्र की जानकारी जल्द ही आधिकारिक माध्यमों से दी जाएगी।


सीबीआई की जांच और गिरफ्तारियां

भारत सरकार ने इस मामले की व्यापक जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को जिम्मेदारी सौंपी है। सीबीआई यह पता लगाएगी कि परीक्षा से पहले कथित 'अनुमानित प्रश्नपत्र' कैसे लीक हुआ और क्या इसमें कोई संगठित गड़बड़ी हुई थी। एनटीए ने कहा है कि वह जांच में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा और आवश्यक सभी रिकॉर्ड और डेटा साझा करेगा।