NCERT की किताबों से न्यायपालिका का विवादित हिस्सा हटाने का निर्णय

NCERT ने कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक से न्यायपालिका से संबंधित विवादास्पद अंश को हटाने का निर्णय लिया है। यह विवाद उस अध्याय के कारण उत्पन्न हुआ था, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का उल्लेख किया गया था। CJI सूर्य कांत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे के कारण।
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NCERT की किताबों से न्यायपालिका का विवादित हिस्सा हटाने का निर्णय

NCERT की किताबों में बदलाव

NCERT की किताबों से न्यायपालिका का विवादित हिस्सा हटाने का निर्णय

NCERT की कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक से न्यायपालिका से संबंधित विवादास्पद अंश को हटाने का निर्णय लिया गया है। दरअसल, इस किताब के एक अध्याय में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का उल्लेख किया गया था, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ। CJI सूर्य कांत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है और सूत्रों के अनुसार, NCERT ने इस हिस्से को हटाने का फैसला किया है।

किताब में विवादित अध्याय
NCERT की कक्षा 8 की किताब में न्यायपालिका से संबंधित विवादास्पद अंश को हटाने का निर्णय लिया गया है। यह किताब हाल ही में विवादों में रही है, खासकर ज्यूडिशियरी के अध्याय के कारण, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का उल्लेख किया गया था। CJI सूर्य कांत ने इस पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि वे किसी को भी संस्था की छवि को धूमिल करने की अनुमति नहीं देंगे।

विवाद का कारण
यह विवाद NCERT की नई सोशल साइंस किताब के प्रकाशन के बाद शुरू हुआ। अपडेटेड किताब में ज्यूडिशियरी में भ्रष्टाचार का उल्लेख किया गया है, जिसमें न्यायपालिका की कमजोरियों और लंबित मामलों की जानकारी दी गई है। इसमें विभिन्न अदालतों में लगभग 53,321,000 मामले लंबित होने का जिक्र है, जबकि सुप्रीम कोर्ट में 81,000 और हाई कोर्ट में 62.4 लाख मामले लंबित हैं। इसके अलावा, इस अध्याय में आम जनता की चिंताओं और न्यायपालिका में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की गई है।