IPL 2026: BCCI ने जारी की नई गाइडलाइन, हनी-ट्रैप और फिक्सिंग के खतरे से निपटने के लिए सख्त नियम

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के दौरान बीसीसीआई ने खिलाड़ियों और टीम मालिकों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन में हनी-ट्रैप और फिक्सिंग के खतरे से निपटने के लिए कड़े नियम शामिल हैं। बीसीसीआई ने अनधिकृत व्यक्तियों की उपस्थिति और नियमों के उल्लंघन की ओर भी इशारा किया है। आगामी बैठक में इन नियमों के महत्व पर चर्चा की जाएगी। जानें और क्या-क्या शामिल है इन नई गाइडलाइनों में।
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IPL 2026: BCCI ने जारी की नई गाइडलाइन, हनी-ट्रैप और फिक्सिंग के खतरे से निपटने के लिए सख्त नियम gyanhigyan

बीसीसीआई की नई गाइडलाइन

नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का आधा से अधिक सीजन समाप्त हो चुका है। इस दौरान कुछ घटनाएं हुई हैं, जिससे बीसीसीआई की चिंताएं बढ़ गई हैं। ऐसे में बोर्ड ने खिलाड़ियों और टीम मालिकों के लिए एक सात पृष्ठीय गाइडलाइन जारी की है, जिसमें कड़े नियम शामिल हैं। इसके साथ ही, बीसीसीआई की एंटीकरप्शन यूनिट ने डगआउट में अनधिकृत व्यक्तियों की उपस्थिति और कई नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा किया है, जो अभी तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं।


IPL 2026: BCCI ने जारी की नई गाइडलाइन, हनी-ट्रैप और फिक्सिंग के खतरे से निपटने के लिए सख्त नियम


इस जानकारी के आधार पर, भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने सभी टीमों को एक एडवाइजरी भेजी है और इस वीकेंड सभी फ्रेंचाइजी के CEO की बैठक बुलाई है। इस मीटिंग का उद्देश्य उन्हें नियमों की याद दिलाना और उन टीमों या व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करना है जिन्होंने नियमों का पालन नहीं किया है।


बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि अनधिकृत लोग टीम बस, होटलों और डगआउट क्षेत्र में घूमते पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों और टीमों के आचरण से जुड़े नियम 2008 से लागू हैं, लेकिन हाल के समय में लोग इन नियमों को लेकर लापरवाह हो गए हैं। इसलिए बोर्ड अब किसी भी उल्लंघन पर सख्ती से कार्रवाई करेगा। आगामी शनिवार को होने वाली बैठक में सभी को इस एडवाइजरी के महत्व के बारे में समझाया जाएगा।


सैकिया ने आगे बताया कि एंटीकरप्शन यूनिट ने बोर्ड को कई महत्वपूर्ण सूचनाएं दी हैं, जो पेशेवर तरीके से काम कर रही हैं। यूनिट ने बोर्ड को कई गोपनीय सूचनाएं दी हैं, जो आधिकारिक तौर पर सामने आई दो घटनाओं से भी परे हैं। जिन दो मामलों को बीसीसीआई ने स्वीकार किया है, वे दोनों राजस्थान रॉयल्स से जुड़े हैं। पहले मामले में एक मैनेजर को डगआउट में फोन का उपयोग करते पकड़ा गया था, और दूसरे में कप्तान रियान पराग का ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते हुए वीडियो वायरल हुआ था। बोर्ड ने इन दोनों पर जुर्माना लगाया है, लेकिन वेपिंग मामले की जांच अभी भी जारी है।


बीसीसीआई ने नई गाइडलाइन जारी की है: 1. बीसीसीआई ने चेतावनी दी है कि हाईप्रोफाइल खिलाड़ियों को हनीट्रैप में फंसाने का खतरा है, जिससे गंभीर कानूनी आरोप और यौन दुराचार जैसे मामले उत्पन्न हो सकते हैं। टीमों को हमेशा सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


2. टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के बिना कोई भी बाहरी व्यक्ति खिलाड़ी या स्टाफ के कमरे में नहीं जा सकता। मेहमानों से केवल होटल की लॉबी या सार्वजनिक क्षेत्र में ही मिला जा सकता है।


3. बीसीसीआई ने देखा है कि कुछ खिलाड़ी सुरक्षा अधिकारियों को बताए बिना होटल से बाहर चले जाते हैं। अब होटल से बाहर जाने के लिए सुरक्षा अधिकारी से मंजूरी लेना अनिवार्य है। खिलाड़ियों के बाहर जाने का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा।


4. कुछ खिलाड़ी अपना आईडी कार्ड दिखाने में आनाकानी करते हैं। बीसीसीआई ने सख्त नियम बनाया है कि खिलाड़ी स्टेडियम, होटल और प्रैक्टिस के दौरान आईडी कार्ड हमेशा गले में होना चाहिए।


5. मैच के दौरान टीम मालिकों को खिलाड़ियों से दूरी बनाए रखनी होगी। मालिक मैच के दौरान डगआउट या ड्रेसिंग रूम में जाकर खिलाड़ियों से बात नहीं कर सकते और न ही उन्हें गले लगा सकते हैं। इसे मैच की मर्यादा का उल्लंघन माना जाएगा।


6. बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि ड्रेसिंग रूम, डगआउट या होटल में वेपिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। भारत में ई-सिगरेट अवैध है, इसलिए ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।