HPV वैक्सीनेशन अभियान: 1.15 करोड़ लड़कियों को मिलेगा मुफ्त टीका
HPV वैक्सीनेशन का महत्व
HPV वैक्सीनेशन क्या है?
HPV वैक्सीनेशन (ह्यूमन पैपिलोमावायरस वैक्सीनेशन) एक टीकाकरण प्रक्रिया है, जो ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) से होने वाले संक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करती है। यह वायरस मुख्यतः त्वचा के संपर्क से फैलता है और इसके कई प्रकार होते हैं। इनमें से कुछ उच्च जोखिम वाले प्रकार, जैसे HPV 16 और 18, लंबे समय तक शरीर में रहकर सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकते हैं। भारत में, सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है, जिसमें हर साल लाखों नए मामले सामने आते हैं और हजारों मौतें होती हैं।
HPV वैक्सीन इन खतरनाक प्रकारों के खिलाफ इम्यूनिटी विकसित करती है, जिससे संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है और कैंसर का जोखिम 93-100% तक घट सकता है, विशेषकर वैक्सीन द्वारा कवर किए गए प्रकारों के लिए। यह वैक्सीन सुरक्षित है, और विश्वभर में 50 करोड़ से अधिक डोज दी जा चुकी हैं। सामान्य साइड इफेक्ट्स में इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द और हल्का बुखार शामिल हैं, जो जल्दी ठीक हो जाते हैं।
भारत में HPV वैक्सीनेशन ड्राइव की शुरुआत
भारत में नई HPV वैक्सीनेशन ड्राइव: 1.15 करोड़ बेटियों को फ्री टीका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी 2026 को राजस्थान के अजमेर से देशव्यापी HPV वैक्सीनेशन प्रोग्राम की शुरुआत की। यह अभियान 14 साल की लड़कियों को लक्षित करता है, क्योंकि इस उम्र में टीका लगवाने से सबसे अधिक सुरक्षा मिलती है।
- हर साल कितनी बेटियां लाभान्वित होंगी? लगभग 1.15 करोड़ (1 करोड़ 15 लाख) 14 वर्षीय लड़कियां।
- टीका फ्री है? हां, यह पूरी तरह मुफ्त है। यह सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों जैसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), जिला अस्पताल, और सरकारी मेडिकल कॉलेजों पर उपलब्ध है।
- कौन सी वैक्सीन? Gardasil 4 (क्वाड्रिवेलेंट वैक्सीन) का एक डोज दिया जाएगा, जो HPV प्रकार 16, 18 (कैंसर का मुख्य कारण) के अलावा 6 और 11 से भी सुरक्षा प्रदान करता है।
- कैसे लगेगा? यह अभियान शुरू में 90 दिनों के लिए इंटेंसिव मोड में चलेगा (रोजाना सेशन), उसके बाद रूटीन इम्यूनाइजेशन में जारी रहेगा। माता-पिता/अभिभावक की सहमति आवश्यक है। स्कूलों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूकता फैलाई जा रही है।
- क्यों जरूरी है? भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में बहुत आम है (GLOBOCAN डेटा के अनुसार 1 लाख+ नए मामले और 80 हजार मौतें सालाना)। यह वायरस से होने वाला कैंसर है, जो ज्यादातर मामलों में रोका जा सकता है। टीकाकरण से पहले संक्रमण रोककर कैंसर को जड़ से खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम है। WHO और NTAGI की सिफारिशों पर आधारित है।
यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य को मजबूत करने और 'स्वस्थ नारी' की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। माता-पिता से अपील है कि अपनी 14 साल की बेटियों को समय पर यह टीका जरूर लगवाएं, क्योंकि यह उनके सुरक्षित और कैंसर-मुक्त भविष्य की गारंटी है। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट देखें।
