Hormuz Strait में तनाव बढ़ा, ट्रंप का नया सैन्य अभियान
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव
मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बीच हालात फिर से तनावपूर्ण हो गए हैं। हालिया घटनाक्रम में युद्धविराम की स्थिति कमजोर होती दिख रही है, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप के नए सैन्य अभियान और ईरान की प्रतिक्रिया ने स्थिति को और जटिल बना दिया है.
प्रोजेक्ट फ्रीडम का उद्देश्य
अमेरिका ने "प्रोजेक्ट फ्रीडम" नामक एक अभियान शुरू किया है, जिसका लक्ष्य होर्मुज स्ट्रेट में फंसे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, और यहां किसी भी प्रकार की बाधा से विश्वभर में ऊर्जा संकट उत्पन्न हो सकता है.
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान ने इस क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए अमेरिकी जहाजों और सहयोगी देशों के ठिकानों को निशाना बनाने का प्रयास किया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि युद्धविराम अभी समाप्त नहीं हुआ है, हालांकि झड़पें जारी हैं। अमेरिकी सेना के प्रमुख जनरल डैन केन ने बताया कि युद्धविराम के बाद से ईरान ने अमेरिकी बलों पर दस से अधिक बार हमले किए हैं, लेकिन ये अभी बड़े युद्ध की सीमा से बाहर हैं.
हमलों की प्रकृति
अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान ने क्रूज मिसाइल, ड्रोन और छोटी नौकाओं के माध्यम से हमले किए हैं, हालांकि कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि उसने ईरान की कई नौकाओं को नष्ट कर दिया है, जबकि ईरान ने इन दावों को खारिज किया है.
दक्षिण कोरियाई जहाज पर हमला
इस बीच, एक दक्षिण कोरियाई संचालित जहाज में विस्फोट और आग लगने की घटना भी सामने आई है। ट्रंप ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए दक्षिण कोरिया से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है, जबकि सियोल सरकार इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है.
संयुक्त अरब अमीरात की भूमिका
संयुक्त अरब अमीरात ने भी ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को रोकने का प्रयास किया है, जिससे एक तेल संयंत्र में आग लग गई और तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए हैं। इस घटना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है.
ईरान का सख्त रुख
ईरान के शीर्ष नेताओं ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यह केवल शुरुआत है और इस संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे "गतिरोध की स्थिति" बताया है और चेतावनी दी है कि क्षेत्र को दोबारा युद्ध में नहीं धकेला जाना चाहिए.
पाकिस्तान की अपील
पाकिस्तान ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है ताकि बातचीत का रास्ता खुला रह सके.
आर्थिक प्रभाव
आर्थिक मोर्चे पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं और अमेरिका में ईंधन की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि कुछ गिरावट देखी गई है, लेकिन बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है.
शिपिंग क्षेत्र की चिंताएं
शिपिंग क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि अभी हालात पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां जोखिम को देखते हुए अपने जहाजों को रोककर रख रही हैं। उनका मानना है कि जब तक दोनों पक्षों के बीच भरोसा कायम नहीं होता, तब तक सामान्य स्थिति बहाल होना मुश्किल है.
