FSSAI ने बताया सेहतमंद थाली का सही फॉर्मूला: जानें क्या होना चाहिए प्रमुख हिस्सा
सेहतमंद थाली का महत्व
भारतीय घरों में लंच या डिनर के समय अक्सर यह चर्चा होती है कि आज दाल-चावल बनेगा या रोटी-सब्जी। आमतौर पर, लोग स्वाद या सुविधा के अनुसार अपनी थाली का चुनाव करते हैं, लेकिन क्या यह थाली वास्तव में आपकी सेहत को पूरा कर रही है? देश की प्रमुख खाद्य सुरक्षा संस्था ने इस सवाल का समाधान पेश किया है। FSSAI ने एक 'सेहतमंद भारतीय थाली' के बारे में जानकारी साझा करते हुए पूछा है कि आपकी थाली का सबसे बड़ा हिस्सा किस चीज का होना चाहिए।
FSSAI का उद्देश्य
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) का लक्ष्य नागरिकों को कुपोषण, मोटापे और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचाना है। इसके लिए, उन्होंने एक आदर्श और संतुलित थाली का वैज्ञानिक फॉर्मूला साझा किया है। FSSAI ने अपने पोस्ट में एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया है: क्या आप जानते हैं कि एक स्वस्थ वयस्क की थाली में सबसे बड़ा हिस्सा किस खाद्य समूह का होना चाहिए?
सब्जियों का महत्व
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल की इंटरनल मेडिसिन विभाग की वाइस चेयरपर्सन, डॉ. सुशीला कटारिया का मानना है कि हेल्दी प्लेट का कॉन्सेप्ट संतुलित पोषण को बढ़ावा देने में सहायक है। उन्होंने बताया कि एक स्वस्थ वयस्क की थाली में सबसे बड़ा हिस्सा सब्जियों का होना चाहिए। इसके साथ ही, फलों को भी शामिल करना फायदेमंद होता है। फल और सब्जियां शरीर को फाइबर, आवश्यक विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रदान करते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं।
थाली में अन्य आवश्यक खाद्य पदार्थ
डॉ. कटारिया ने बताया कि थाली में सब्जियों और फलों के अलावा साबुत अनाज और प्रोटीन का होना भी आवश्यक है। साबुत अनाज जैसे बाजरा, साबुत गेहूं और ब्राउन राइस शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं। वहीं, प्रोटीन के स्रोत जैसे बीन्स, दालें, दूध, अंडे और मछली मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करते हैं।
पोषण और मात्रा का महत्व
डॉ. कटारिया ने चेतावनी दी कि आजकल मोटापा, डायबिटीज और हृदय रोग जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं, जो अक्सर खराब खानपान से जुड़ी होती हैं। केवल हेल्दी फूड्स का सेवन ही नहीं, बल्कि उनकी मात्रा और तैयारी का तरीका भी महत्वपूर्ण है। ताजे फूड और कम प्रोसेस फूड्स का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
उम्र के अनुसार पोषण की जरूरतें
हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरतें उम्र, जीवनशैली और शारीरिक गतिविधियों पर निर्भर करती हैं। युवा लोग कार्बोहाइड्रेट का बेहतर उपयोग कर सकते हैं, जबकि बुजुर्गों को मांसपेशियों के संरक्षण के लिए अधिक प्रोटीन की आवश्यकता होती है। हेल्दी प्लेट की अवधारणा लोगों को बेहतर भोजन चुनने में मदद करती है, लेकिन इसे सख्त नियम के रूप में नहीं देखना चाहिए।
विशेषज्ञों की सलाह
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक स्रोतों और विशेषज्ञों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। किसी भी नई स्वास्थ्य संबंधी दिनचर्या को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
