EPFO पेंशन में बढ़ोतरी: प्राइवेट कर्मचारियों के लिए नई उम्मीद

केंद्र सरकार EPFO के तहत न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹5,000 करने की योजना बना रही है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो इससे लाखों प्राइवेट कर्मचारियों और रिटायर्ड पेंशनर्स की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। ट्रेड यूनियनों ने इस वृद्धि की मांग की है, और श्रम मंत्रालय इस पर सक्रियता से काम कर रहा है। जानें इस प्रस्ताव के संभावित लाभ और इसके लागू होने की स्थिति के बारे में।
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EPFO पेंशन में बढ़ोतरी: प्राइवेट कर्मचारियों के लिए नई उम्मीद

नई दिल्ली में EPFO पेंशन में संभावित वृद्धि

नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026: निजी क्षेत्र में कार्यरत लाखों कर्मचारियों और रिटायर्ड पेंशनर्स के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है। केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन को वर्तमान ₹1,000 से बढ़ाकर ₹5,000 करने पर विचार कर रही है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो करोड़ों प्राइवेट कर्मचारियों की रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी में सुधार होगा।


वर्तमान में कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के तहत न्यूनतम पेंशन केवल ₹1,000 प्रति माह है, जो इस समय की महंगाई के हिसाब से बहुत कम है। ट्रेड यूनियनों और पेंशनर्स संघों ने इस राशि में वृद्धि की मांग लंबे समय से की है। हाल ही में बजट 2025-26 की तैयारी के दौरान, ट्रेड यूनियनों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से न्यूनतम पेंशन को ₹5,000 करने की जोरदार मांग की थी।


किसे मिलेगा लाभ?



  • EPFO में रजिस्टर्ड सभी प्राइवेट सेक्टर कर्मचारी।

  • जो कम से कम 10 साल की सेवा पूरी कर चुके हैं।

  • वर्तमान में न्यूनतम पेंशन प्राप्त कर रहे रिटायर्ड कर्मचारी और उनके परिवार।


सरकारी सूत्रों के अनुसार, श्रम मंत्रालय इस प्रस्ताव पर सक्रियता से कार्य कर रहा है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो यह बदलाव जल्द ही लागू किया जा सकता है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांग पेंशनर्स को सबसे अधिक लाभ होगा।


EPFO के अधिकारियों का कहना है कि पेंशन में वृद्धि से न केवल रिटायर्ड कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि वर्तमान कर्मचारियों का भविष्य निधि में योगदान करने का उत्साह भी बढ़ेगा।