भारतीय नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट 'महेंद्रगिरि'

भारतीय नौसेना में एक नई ताकत जुड़ने जा रही है, जब स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट 'महेंद्रगिरि' 11 जुलाई को औपचारिक रूप से शामिल होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर खुशी व्यक्त की है और इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। यह युद्धपोत न केवल देश के समुद्री हितों की रक्षा करेगा, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा को भी मजबूत करेगा। जानें इस नए युद्धपोत के बारे में और क्या खास है इसमें।
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भारतीय नौसेना की नई ताकत

भारतीय नौसेना की शक्ति में एक महत्वपूर्ण वृद्धि होने जा रही है। स्वदेश में निर्मित अत्याधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट 'महेंद्रगिरि' 11 जुलाई को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल होने के लिए तैयार है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह नया युद्धपोत देश के समुद्री हितों की सुरक्षा में सक्षम है।


महेंद्रगिरि का महत्व

'महेंद्रगिरि' नीलगिरि श्रेणी (प्रोजेक्ट-17ए) का छठा युद्धपोत है। इसे आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक विशेष समारोह के दौरान भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि यह युद्धपोत पूरी तरह से 'मिशन-प्राइम्ड कॉम्बैट प्लेटफॉर्म' के रूप में बेड़े में शामिल होने के लिए तैयार है।


रक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया

इस महत्वपूर्ण अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि वह विशाखापत्तनम जा रहे हैं, जहां वह राष्ट्र और भारतीय नौसेना के लिए एक गर्व का क्षण देखने वाले हैं।


आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम

रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि पूरी तरह से भारत में निर्मित यह अत्याधुनिक युद्धपोत हमारे 'आत्मनिर्भर भारत' के मजबूत संकल्प को दर्शाता है। यह देश के घरेलू रक्षा उद्योगों और एमएसएमई की असाधारण क्षमता का एक बड़ा प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि 'महेंद्रगिरि' न केवल भारत के समुद्री हितों की रक्षा करेगा, बल्कि सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हमारे संकल्प को भी मजबूत करेगा।