भारत की वायुसेना के लिए छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का विकास

भारत की वायुसेना ने छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के विकास के लिए फ्रांसीसी नेतृत्व वाले कार्यक्रम में शामिल होने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। संसद की एक समिति ने रक्षा मंत्रालय से ऐसे विमानों के विकास के लिए रोडमैप की मांग की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय वायुसेना इन विमानों की खरीद पर विचार कर रही है ताकि वह आधुनिक हवाई युद्ध में पीछे न रहे। जानें इस महत्वपूर्ण विकास के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की दिशा में कदम

नई दिल्ली, 7 अगस्त: संसद की एक समिति ने जानकारी दी है कि रक्षा मंत्रालय ने फ्रांसीसी नेतृत्व वाले छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकास कार्यक्रम 'फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम' (एफसीएएस) में शामिल होने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। समिति ने मंत्रालय से ऐसे विमानों के विकास के लिए एक रोडमैप की मांग की है। रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने शुक्रवार को संसद में अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया कि मंत्रालय को भारत की हवाई क्षमताओं को बढ़ाने के लिए छठी पीढ़ी के विमानों के विकास और खरीद की दिशा में योजना बनानी चाहिए और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है, 'समिति को बताया गया है कि छठी पीढ़ी के विमानों पर दो समूह (कंसोर्टियम) काम कर रहे हैं।


एक समूह में ब्रिटेन, इटली और जापान शामिल हैं, जबकि दूसरे समूह में फ्रांस और जर्मनी हैं; दोनों ही विमान विकसित कर रहे हैं।' समिति ने यह भी बताया कि भारतीय वायुसेना इनमें से किसी एक समूह के साथ जुड़ने की कोशिश करेगी और छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की खरीद पर विचार करेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह आधुनिक विमानों के विकास में 'पीछे न रह जाए।' रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने समिति को सूचित किया है कि उसने 'फ्रांसीसी सरकार के नेतृत्व में छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकास कार्यक्रम यानी 'फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम' से जुड़ने के लिए गंभीर प्रयास शुरू कर दिए हैं।