मणिपुर में मादक पदार्थ तस्करों की गिरफ्तारी, 5.89 किलोग्राम याबा गोलियां बरामद

मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में पुलिस ने तीन संदिग्ध मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 5.89 किलोग्राम याबा गोलियां बरामद की गई हैं, जिनकी कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है। याबा, जिसे 'क्रेजी मेडिसिन' कहा जाता है, मेथामफेटामाइन का एक शक्तिशाली रूप है। यह मादक पदार्थ द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सैनिकों के प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए पेश किया गया था और अब यह पूर्वी एशिया में युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
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मणिपुर में मादक पदार्थ तस्करों की गिरफ्तारी, 5.89 किलोग्राम याबा गोलियां बरामद

मणिपुर में मादक पदार्थ तस्करी का मामला

मणिपुर के तेंगनौपाल जिले में तीन संदिग्ध मादक पदार्थ तस्करों को पकड़ा गया है, जिनके पास से 5.89 किलोग्राम याबा गोलियां मिली हैं। यह जानकारी पुलिस ने सोमवार को साझा की।


सुरक्षा बलों ने तेंगनौपाल पुलिस थाना क्षेत्र में एक चौकी पर तस्करों के वाहन को रोका, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।


गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जेम्स बैट (28), हटनीकिम बैट (50) और डेविड टी मेट (41) के रूप में हुई है।


पुलिस ने बताया कि उनके पास से जब्त की गई याबा गोलियों की कुल मात्रा 5.89 किलोग्राम है, जिसकी बाजार में कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है। याबा का अर्थ थाई भाषा में 'क्रेजी मेडिसिन' होता है।


यह मेथामफेटामाइन का टैबलेट रूप है और इसे एक अत्यंत शक्तिशाली मादक द्रव्य माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के अनुसार, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सैनिकों के प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए इसे पूर्वी एशिया में पेश किया गया था, और यह थाईलैंड, लाओस, कंबोडिया, वियतनाम और म्यांमा में युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गया है।