CJP नेताओं की रिहाई: सौरभ दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत

दिल्ली के विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया है। दोनों नेता 14 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद से तिहाड़ जेल में थे। उच्च न्यायालय में याचिका वापस लेने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और क्या हुआ कोर्ट में।
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दिल्ली में CJP नेताओं की रिहाई


नई दिल्ली। दिल्ली के विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया है। दोनों नेता 14 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद से तिहाड़ जेल में थे।


यह आदेश दिल्ली उच्च न्यायालय से दोनों नेताओं द्वारा अपनी याचिका वापस लेने के कुछ घंटों बाद आया। उन्होंने अपनी न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने के निर्णय को चुनौती दी थी।


सौरभ दास के रिहाई आदेश में कहा गया है कि उनकी व्यक्तिगत मुचलका स्वीकार कर ली गई है, जिसके बाद यदि वे किसी अन्य मामले में वांछित नहीं हैं, तो उन्हें तिहाड़ जेल से रिहा किया जा सकता है।


जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद गिरफ्तारी


मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 14 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर ‘तिरंगा विरोध प्रदर्शन’ आयोजित करने के प्रयास के दौरान दोनों नेताओं को हिरासत में लिया गया। प्रशासन का कहना था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी और नेताओं ने शांति बांड की शर्तों का उल्लंघन किया।


इससे पहले, 10 अक्टूबर को भी दोनों को एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था और 50,000 रुपये के शांति बांड पर छोड़ा गया था। लेकिन 14 अक्टूबर को दोबारा प्रदर्शन की कोशिश करने पर उन्हें 5 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जिसे 19 अक्टूबर को 2 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया था।


हाई कोर्ट से याचिका वापस ली गई


बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने याचिकाकर्ताओं से पूछा कि वे मजिस्ट्रेट के आदेश का इंतजार किए बिना सीधे उच्च न्यायालय क्यों आए। अदालत की सलाह के बाद नेताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली, जिसके बाद मजिस्ट्रेट अदालत ने उनकी जमानती और मुचलके की प्रक्रिया पूरी कर रिहाई का रास्ता साफ कर दिया।