CJP और केंद्र सरकार के बीच NEET परीक्षा विवाद गहराया

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच NEET परीक्षा में धांधली को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध जारी रहेगा। CJP ने सरकार को अपनी मांगों का चार्टर सौंपा है और आगामी बैठक में चर्चा की उम्मीद जताई है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और CJP की अन्य मांगें।
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NEET परीक्षा में धांधली पर CJP का कड़ा रुख

NEET परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। 25 जुलाई को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पहले, CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तो सरकार के साथ बातचीत का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा और संगठन को सख्त कदम उठाने होंगे।


CJP की मांगें और सरकार की प्रतिक्रिया

CJP के प्रवक्ता ने NTA द्वारा 47 अधिकारियों को हटाने के संदर्भ में कहा, "हमें कई पहलुओं पर गौर करना होगा, लेकिन शिक्षा मंत्री की अंतिम जिम्मेदारी है। पेपर लीक और आत्महत्या करने वाले छात्रों के मामले में वे सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। हम अन्य सुधारों पर भी चर्चा कर रहे हैं और सरकार को हमारी मांगों का चार्टर सौंपा गया है।"


JP नड्डा की बैठक और आगे की रणनीति

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों के साथ बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री JP नड्डा ने कहा कि बैठक लगभग 2 घंटे तक चली। उन्होंने बताया कि CJP की तीन मुख्य मांगें और परीक्षाओं के लिए पांच सुधार सुझाव थे। नड्डा ने कहा कि वे अगले दिन फिर मिलेंगे और सरकार के साथ हुई चर्चाओं की जानकारी देंगे।


CJP का विरोध जारी रहेगा

CJP ने स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। संगठन ने NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने, शिक्षा प्रणाली में सुधार करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सभी कानूनी कार्रवाई वापस लेने की मांग की है।


सोशल मीडिया पर CJP का बयान