CDS जनरल अनिल चौहान ने पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की
पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों पर CDS का बयान
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने शुक्रवार को पाकिस्तान और भारत की सैन्य तैयारियों के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। 'पुणे पब्लिक पॉलिसी फेस्टिवल' में बोलते हुए, जनरल चौहान ने बताया कि भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' ने पाकिस्तान को इस हद तक प्रभावित किया कि उसे अपने संविधान में संशोधन करने की आवश्यकता पड़ी।
जनरल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को संविधान में बदलाव करने के लिए मजबूर किया, जो इस बात का संकेत है कि पड़ोसी देश की स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पाकिस्तान में किए गए संवैधानिक संशोधन इस बात का प्रमाण हैं कि उस ऑपरेशन के दौरान उन्हें अपनी व्यवस्था में कई खामियां मिलीं। उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी थमा नहीं है।
पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 243 में किए गए संशोधनों पर चर्चा करते हुए, CDS ने बताया कि वहां 'जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी' का पद समाप्त कर दिया गया है और इसके स्थान पर 'चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस' (सीडीएफ) का पद बनाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि यह पद केवल सेना प्रमुख (सीओएएस) के पास रहेगा, जो संयुक्त कमान के सिद्धांत के खिलाफ है।
जनरल चौहान ने कहा कि पाकिस्तान ने 'नेशनल स्ट्रेटजी' कमान और 'आर्मी रॉकेट फोर्स' कमान बनाकर शक्तियों का केंद्रीकरण किया है। उन्होंने बताया कि अब वहां का थल सेना प्रमुख जमीनी संचालन, संयुक्त अभियान और परमाणु मामलों के लिए भी जिम्मेदार होगा। जनरल चौहान के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा किए गए ये बदलाव थल सेना को प्राथमिकता देने वाली मानसिकता को दर्शाते हैं।
CDS के संबोधन की मुख्य बातें
पाकिस्तान की विफलता: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने अपनी सैन्य और रणनीतिक व्यवस्था में कई कमियां पाईं।
संवैधानिक संशोधन: अपनी कमियों को छिपाने के लिए पाकिस्तान को कानूनी और संवैधानिक बदलावों का सहारा लेना पड़ा।
ऑपरेशन का भविष्य: यह ऑपरेशन अभी समाप्त नहीं हुआ है, इसे केवल विराम दिया गया है।
थिएटर कमांड पर बड़ा अपडेट
देश की सैन्य शक्ति को एकीकृत करने के लिए प्रस्तावित 'जॉइंट थिएटर कमांड' पर चर्चा करते हुए जनरल चौहान ने एक महत्वपूर्ण समयसीमा साझा की।
नई डेडलाइन: केंद्र सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 30 मई 2026 तक का समय दिया है।
समय से पहले लक्ष्य: हालांकि सरकार ने 2026 तक की मोहलत दी है, लेकिन सशस्त्र बल इस ढांचे को समय सीमा से पहले तैयार करने के लिए काम कर रहे हैं।
अंतिम चरण में प्रक्रिया: जनरल चौहान ने इसे अपनी प्रमुख जिम्मेदारियों में से एक बताया और कहा कि यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है।
क्या है थिएटर कमांड?
थिएटर कमांड का उद्देश्य सेना के तीनों अंगों (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) को एक ही कमान के तहत लाना है, ताकि युद्ध या किसी भी सैन्य संकट की स्थिति में त्वरित और समन्वित निर्णय लिए जा सकें।
