CCPA ने UPSC परीक्षा में भ्रामक विज्ञापनों पर वाजीराम एंड रवि को लगाया जुर्माना

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने वाजीराम एंड रवि आईएएस स्टडी सेंटर पर UPSC सिविल सेवा परीक्षा, 2023 में भ्रामक विज्ञापनों के लिए 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जांच में पाया गया कि संस्थान ने सफल अभ्यर्थियों का श्रेय लेने का प्रयास किया था, जबकि अधिकांश छात्र केवल उनके मुफ्त इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम से जुड़े थे। CCPA ने यह भी बताया कि यह मामला पिछले कई वर्षों से चल रहा था, जिसमें जानकारी को छिपाने का एक समान पैटर्न देखा गया।
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CCPA ने UPSC परीक्षा में भ्रामक विज्ञापनों पर वाजीराम एंड रवि को लगाया जुर्माना gyanhigyan

CCPA की कार्रवाई

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा, 2023 में भ्रामक दावों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। इस संदर्भ में वाजीराम एंड रवि आईएएस स्टडी सेंटर पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई उस विज्ञापन के आधार पर की गई, जिसमें संस्थान ने परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का श्रेय लेने का प्रयास किया था। CCPA ने यह पाया कि जिन छात्रों का उल्लेख किया गया था, वे केवल संस्थान के मुफ्त 'इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम' से जुड़े थे, जो प्रीलिम्स और मेन्स परीक्षा के बाद शुरू होता है।


भ्रामक दावे और संस्थान की वेबसाइट

CCPA ने बताया कि वाजीराम एंड रवि ने यूपीएससी के परिणामों के तुरंत बाद अपनी वेबसाइट पर यह दावा किया कि टॉप 10 में से 8 और टॉप 50 में से 37 अभ्यर्थी उसके छात्र हैं। इसके अलावा, संस्थान ने यह भी कहा कि हर साल 30 प्रतिशत से अधिक अधिकारी उसके छात्रों में से होते हैं। CCPA की जांच में पाया गया कि टॉप 10 में से 8 में से 7 और टॉप 50 में से 37 में से 29 अभ्यर्थियों ने केवल मुफ्त इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम में नामांकन कराया था।


जानकारी छिपाने का मामला

हालांकि, वाजीराम एंड रवि ने इस तथ्य को छिपाया था। CCPA ने कहा कि यह मामला केवल 2023 तक सीमित नहीं था। जांच में यह सामने आया कि पिछले कई वर्षों से इस तरह की जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया गया। CCPA के अनुसार, 2021 में सफल अभ्यर्थियों में से 86.36 प्रतिशत, 2022 में 78.31 प्रतिशत, 2023 में 97.56 प्रतिशत और 2024 में 71.69 प्रतिशत अभ्यर्थी केवल इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम से जुड़े थे। लेकिन, किसी भी वर्ष यह जानकारी संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं थी।