CBI की नई रणनीति: नीट छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच में पॉलीग्राफ टेस्ट का सहारा
नीट छात्रा की संदिग्ध मौत की जांच में नया मोड़
दिल्ली में एक नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) अब वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करने की योजना बना रहा है। मामले में ठोस सबूतों की कमी को देखते हुए, एजेंसी लगभग 10 संदिग्धों का पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने पर विचार कर रही है। हालांकि, इसके लिए अदालत की अनुमति और संबंधित व्यक्तियों की लिखित सहमति आवश्यक होगी.
जांच की वर्तमान स्थिति
CBI को इस मामले को अपने हाथ में लिए 12 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने नहीं आई है। सोमवार को, CBI की टीम ने फिर से ‘शंभू गर्ल्स हॉस्टल’ का दौरा किया। टीम ने हॉस्टल की संचालिका और दो वार्डन की उपस्थिति में लगभग दो घंटे तक छात्रा के कमरे और परिसर की गहन जांच की। उस युवक से भी पूछताछ की गई जिसने दरवाजा तोड़ा था, साथ ही उस गार्ड से भी जानकारी ली गई जिसने छात्रा को बेहोश अवस्था में नीचे लाया था। छात्रा के कपड़ों पर मिले जैविक नमूनों (स्पर्म) का संदिग्धों के DNA से मिलान करना CBI के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। जांच टीम ने छात्रा के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी प्राप्त कर लिया है, जिसकी बारीकी से जांच की जा रही है.
पॉलीग्राफ टेस्ट की प्रक्रिया
पॉलीग्राफ टेस्ट इस सिद्धांत पर आधारित है कि जब कोई व्यक्ति झूठ बोलता है, तो वह मानसिक तनाव में होता है, जिससे उसके शरीर में अनैच्छिक परिवर्तन होते हैं.
