BJP सांसद राघव चड्ढा ने NEET पेपर लीक पर विपक्ष को घेरा
भारतीय जनता पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने NEET परीक्षा के पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों की भावनाओं का उपयोग करने का है। चड्ढा ने संस्थागत सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने पेपर लीक को गंभीर अपराध मानते हुए इसके लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्णय का स्वागत किया। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और चड्ढा के विचार।
| Aug 3, 2026, 17:58 IST
NEET परीक्षा पेपर लीक पर राजनीतिक आरोप
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे NEET परीक्षा के पेपर लीक के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं और छात्रों की भावनाओं का उपयोग अपने लाभ के लिए कर रहे हैं। राज्यसभा में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि यह विवाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच नहीं है, बल्कि मेरिट और माफिया, मेहनत और सेटिंग के बीच है।
चड्ढा ने कहा कि राजनीतिक दलों को छात्रों के विरोध प्रदर्शनों का उपयोग अपने राजनीतिक लक्ष्यों के लिए नहीं करना चाहिए और पेपर लीक की समस्या के समाधान के लिए संस्थागत सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने उदाहरण दिया कि कैंसर का इलाज केवल क्रोसिन से नहीं किया जा सकता, इसी तरह पेपर लीक की समस्या का समाधान केवल मीडिया में बयानबाजी से नहीं, बल्कि ठोस संस्थागत उपायों से ही किया जा सकता है। हमारी सरकार भारत का पहला 'एंटी-पेपर लीक फ्रेमवर्क' लाने जा रही है।
बीजेपी नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की, जिन्होंने छात्रों की चिंताओं को एक प्रधानमंत्री और अभिभावक दोनों की तरह सुना। उन्होंने पेपर लीक के मामलों को गंभीर अपराध मानते हुए उनके लिए फ़ास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के सरकार के निर्णय का स्वागत किया। चड्ढा ने कहा कि छात्रों की आवाज़ महत्वपूर्ण है और जब उन्होंने अपनी चिंताओं को व्यक्त किया, तो प्रधानमंत्री ने परिवार के मुखिया की तरह उनकी बात सुनी। फास्ट-ट्रैक कोर्ट गंभीर अपराधों, जैसे महिलाओं के खिलाफ अपराध, बलात्कार और POCSO जैसे मामलों के लिए बनाए जाते हैं। आज हमने पेपर लीक को भी इसी श्रेणी में रखा है।
विपक्ष से बात करते हुए चड्ढा ने कहा कि राजनीतिक याददाश्त चुनिंदा हो सकती है, लेकिन सार्वजनिक रिकॉर्ड नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि NEET छात्रों की चिंताओं को उतना ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए जितना कि विपक्ष शासित राज्यों में परीक्षा के पेपर लीक से प्रभावित छात्रों की चिंताओं को। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी राष्ट्रीय परीक्षा का पेपर लीक होना एक राष्ट्रीय संकट है, तो विपक्ष शासित राज्य में पेपर लीक को कैसे एक स्थानीय घटना माना जा सकता है? यदि NEET छात्रों का दर्द वास्तविक है, तो पंजाब में फार्मेसी परीक्षा और कर्नाटक में SSLC परीक्षा के छात्रों का दर्द भी वास्तविक है।
