BJP विधायक टी. राजा सिंह को विशेष अदालत ने बरी किया
विशेष अदालत का निर्णय
हैदराबाद में सांसदों और विधायकों के लिए स्थापित एक विशेष अदालत ने मंगलवार को BJP विधायक टी. राजा सिंह को 2022 के एक मामले में बरी कर दिया। यह मामला धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित IPC की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। इसमें IPC की धाराएं 153A(a)(b), 295A, 504, 505(2) और 506 शामिल थीं।
सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें इस मामले में बरी किया गया है, जिसमें उन पर धार्मिक भावनाओं पर टिप्पणी करने का आरोप था। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दबाव के कारण उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए थे। उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और वे अन्य लंबित मामलों में भी बरी होने की उम्मीद रखते हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
सिंह ने बताया कि 2022 में उनके खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप था कि उन्होंने किसी देवता के बारे में टिप्पणी की थी। AIMIM के दबाव में, उस समय की BRS सरकार और पुलिस ने PD एक्ट (प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्ट) लागू किया और उन्हें लगभग 77 दिनों तक जेल में रखा। अब उसी मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है।
उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था और उन्होंने हमेशा कहा कि उन्होंने किसी के देवी-देवताओं के बारे में ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों। सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन BRS सरकार ने AIMIM के दबाव में मामले को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और उनके खिलाफ कई झूठे मामले दर्ज किए।
वकील का बयान
वकील करुणासागर ने कहा कि मंगलहाट पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज 2022 के मामले में गवाहों और सबूतों की जांच के बाद अदालत को आगे बढ़ने का कोई आधार नहीं मिला। उन्होंने बताया कि विशेष MP/MLA कोर्ट ने MLA राजा सिंह को उस मामले से बरी कर दिया है, जिसमें उन पर पैगंबर मोहम्मद के जीवन पर कथित टिप्पणी करने का आरोप था। शिकायतकर्ता ने खुद स्वीकार किया कि जिन आयतों का उल्लेख किया गया था, वे इस्लामिक साहित्य से संबंधित थीं। सभी गवाहों और सबूतों की समीक्षा के बाद अदालत ने यह निर्णय लिया कि MLA राजा सिंह के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है।
