92 वर्षीय पूर्व सैनिक की जमीन धोखाधड़ी का मामला, पुलिस ने शुरू की जांच

राजस्थान के जैसलमेर में 92 वर्षीय रिटायर्ड कैप्टन चुन्नीलाल ने अपनी जमीन के धोखाधड़ी से बेचे जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि उनकी अनुमति के बिना उनकी संपत्ति को गिरवी रखा गया और बेचा गया। पूर्व सैनिक ने सरकार से गुहार लगाई है कि उनके मामले की सुनवाई हिमाचल प्रदेश में की जाए। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और कैप्टन की अपील।
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राजस्थान में पूर्व सैनिक की जमीन से जुड़ा विवाद

राजस्थान के जैसलमेर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 92 वर्षीय रिटायर्ड भारतीय सेना के कैप्टन चुन्नीलाल ने आरोप लगाया है कि उनकी अनुमति के बिना उनकी संपत्ति को गिरवी रखा गया, ट्रांसफर किया गया और अंततः बेचा गया। कैप्टन चुन्नीलाल एक सच्चे देशभक्त हैं, जिन्होंने 1962 में चीन और 1965 तथा 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध में भाग लिया।


हिमाचल से विस्थापित होकर राजस्थान में बसाई थी जमीन

पूर्व कैप्टन ने बताया कि सेना से रिटायर होने के बाद वे बस्सी में बस गए थे। उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट से पहले उन्होंने कारगिल युद्ध में भी अपनी सेवाएं दी थीं और वे केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए लड़े थे।


उन्होंने कहा, "हमारे परिवार की बहुत उपजाऊ जमीन हिमाचल प्रदेश में थी, लेकिन पोंग बांध परियोजना के लिए सरकार ने हमारी जमीन ले ली। उस समय जो मुआवजा मिला, वह अपर्याप्त था। हमें आश्वासन दिया गया कि विस्थापित परिवारों को राजस्थान में जमीन दी जाएगी। इसके बाद मुझे मोहनगढ़ में जमीन दी गई। जब मैं वहां पहुंचा, तो चारों ओर सिर्फ रेत थी। वर्षों की मेहनत के बाद हमने उस बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया।"


फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेची गई जमीन

कैप्टन चुन्नीलाल ने आरोप लगाया कि उनकी मेहनत के बाद कुछ लोगों ने जाली दस्तावेज तैयार किए और उनके हमशक्ल का उपयोग करके उनकी जमीन को धोखे से बेच दिया। उन्होंने कहा कि वे इस स्थिति को समझ नहीं पा रहे हैं। 92 वर्ष की उम्र में, उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि उनके मामले की सुनवाई हिमाचल प्रदेश में की जाए, ताकि वे आसानी से न्याय प्राप्त कर सकें।


पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की

जैसलमेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेवतदान ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि एक पूर्व सैनिक ने शिकायत की थी कि उनकी जमीन पर कुछ लोगों ने फर्जी पहचान बनाकर रजिस्ट्री कराई है। कोतवाली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और निष्पक्षता से जांच की जाएगी।