35 वर्षों के बाद अमेरिका में भारतीय महिला की गिरफ्तारी से हड़कंप

मीना बत्रा, जो 35 वर्षों से अमेरिका में रह रही हैं, को बिना किसी कारण के गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी ने उनके परिवार में हड़कंप मचा दिया है। बत्रा, जो एक अदालत के अनुवादक हैं, ने अपने अनुभव को 'अमानवीय' बताया है। जानें इस चौंकाने वाली घटना के बारे में और कैसे उनके वकील उनकी मदद कर रहे हैं।
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गिरफ्तारी की चौंकाने वाली घटना


35 वर्षों से अमेरिका में रह रही एक भारतीय महिला, मीना बत्रा, को बिना किसी कारण के गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना उस समय हुई जब वह अपने काम पर जा रही थीं। बत्रा, जो 1991 से अमेरिका में निवास कर रही हैं, को हरलिंजेन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) द्वारा गिरफ्तार किया गया। उन्हें हथकड़ी लगाकर रेमंडविल के एल वैले डिटेंशन फैसिलिटी में भेज दिया गया।


बत्रा, जो टेक्सास कोर्ट में एक अदालत के अनुवादक हैं, ने इस घटना के बारे में बताते हुए कहा कि उन्हें 'अपराधी की तरह' व्यवहार किया जा रहा है और उन्हें इस बात का डर है कि उन्हें 'ऐसे देश में भेजा जाएगा जहाँ वह कभी नहीं गईं।' वह अपने राज्य की 'एकमात्र लाइसेंस प्राप्त पंजाबी, हिंदी और उर्दू अदालत के अनुवादक' हैं और उन्होंने कई लोगों की मदद की है।


गिरफ्तारी का कारण और अनुभव

बत्रा ने 1991 में अमेरिका में प्रवेश किया और 2000 में एक आव्रजन न्यायाधीश द्वारा भारत में 'निकासी की रोकथाम' प्राप्त की। वह पंजाब में सिखों के खिलाफ हुए दंगों से भागकर अमेरिका आई थीं। उन्होंने कहा, 'यह अजीब लगता है, मैं नहीं जानती कि मैं यहाँ क्या कर रही हूँ।'


वह पिछले एक महीने से डिटेंशन सेंटर में रह रही हैं, जहाँ उन्हें 'खिड़की रहित गोदाम' में जागना पड़ता है। पहले कुछ घंटे तो और भी बुरे थे, क्योंकि उन्हें 24 घंटे तक बिना भोजन और पानी के रखा गया। इसके अलावा, उन्हें अपनी कोलेस्ट्रॉल की दवा भी नहीं दी गई।


परिवार की चिंता और वकील की मदद

बत्रा की गिरफ्तारी ने उनके परिवार में हड़कंप मचा दिया है। वह अपनी बड़ी बेटी के बॉयफ्रेंड से पहली बार मिलने वाली थीं, लेकिन वह मुलाकात डिटेंशन सेंटर में हुई। उनके अन्य बच्चों की जिंदगी भी प्रभावित हो रही है। बत्रा ने इस अनुभव को 'अमानवीय' बताया।


कैलिफोर्निया और टेक्सास के आव्रजन वकील दीपक अहलुवालिया बत्रा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की है कि बत्रा को 'तीसरे देश' में भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा, 'मीना को गिरफ्तार हुए एक महीना हो गया है, और अभी तक उन्हें नहीं बताया गया है कि उन्हें कहाँ भेजा जाएगा।'