30 साल के बाद पुरुषों के लिए 8 अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण

International Men’s Day 2025 के अवसर पर, एक यूरोलॉजिस्ट ने बताया है कि 30 वर्ष की आयु के बाद पुरुषों को कुछ महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण करवाने चाहिए। ये परीक्षण गंभीर बीमारियों का समय पर पता लगाने में मदद करते हैं। जानें किन 8 परीक्षणों की आवश्यकता है और क्यों ये परीक्षण आपके स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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30 साल के बाद पुरुषों के लिए 8 अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण

स्वास्थ्य परीक्षण की आवश्यकता

30 साल के बाद पुरुषों के लिए 8 अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण


नारी डेस्क: International Men’s Day 2025 के अवसर पर, एक यूरोलॉजिस्ट ने बताया है कि 30 वर्ष की आयु के बाद हर पुरुष को कुछ महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण करवाने चाहिए। ये परीक्षण गंभीर बीमारियों जैसे दिल की बीमारी, प्रोस्टेट समस्याएं, किडनी विकार, मधुमेह और हार्मोनल असंतुलन का समय पर पता लगाने में मदद करते हैं।


आइए जानते हैं कि 30 के बाद पुरुषों को कौन से 8 महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण करवाने चाहिए।


आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण

ब्लड प्रेशर टेस्ट: उच्च रक्तचाप को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है, जो बिना लक्षण के दिल, किडनी और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचा सकता है। इसे हर 6 महीने में जांचना आवश्यक है।


ब्लड शुगर टेस्ट (Fasting + HbA1c): भारतीय पुरुषों में मधुमेह की समस्या तेजी से बढ़ रही है। HbA1c से पिछले 3 महीनों में शुगर के स्तर का पता चलता है। समय पर पहचान से गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है।


लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल टेस्ट): खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के बढ़ने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। 30 के बाद यह परीक्षण साल में एक बार करवाना चाहिए।


किडनी फंक्शन टेस्ट (Creatinine + Urine Test): यह परीक्षण यह बताता है कि किडनी सही तरीके से काम कर रही है या नहीं। किडनी रोगों के लक्षण प्रारंभ में नहीं दिखते, इसलिए यह परीक्षण आवश्यक है।


प्रोस्टेट हेल्थ टेस्ट (PSA Test): 40 के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट का बढ़ना सामान्य है, लेकिन 30 के बाद PSA टेस्ट कराना भी फायदेमंद है, खासकर यदि पेशाब में दिक्कत हो।


टेस्टोस्टेरोन लेवल टेस्ट: कम टेस्टोस्टेरोन से थकान, चिड़चिड़ापन, यौन कमजोरी और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह समस्या भारतीय पुरुषों में तेजी से बढ़ रही है।


लीवर फंक्शन टेस्ट (LFT): फैटी लिवर की समस्या 38% भारतीयों में पाई जाती है। लंबे समय तक बैठना, शराब का सेवन और खराब नींद इसके कारण हैं। LFT से समय पर पहचान होती है।


विटामिन D और B12 टेस्ट: भारतीय पुरुषों में विटामिन D और B12 की कमी आम है, जिससे कमजोरी, हड्डियों में दर्द और मूड में बदलाव जैसी समस्याएं होती हैं।


30 के बाद परीक्षणों की आवश्यकता

- काम का तनाव बढ़ता है।


- जीवनशैली में बदलाव आता है।


- नींद की कमी होती है।


- शरीर की मेटाबॉलिक उम्र बढ़ने लगती है।


- कई बीमारियां बिना लक्षण के शुरू हो जाती हैं।


इसलिए, 30 वर्ष की आयु में स्वास्थ्य जांच शुरू करना एक सही कदम है ताकि भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचा जा सके।


पुरुषों के लिए स्वास्थ्य सुझाव

- हर साल एक पूर्ण शरीर की जांच।


- रोजाना 30 मिनट व्यायाम।


- 7-8 घंटे की नींद।


- शराब और धूम्रपान को कम करना।


- मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना।