30 साल की उम्र में स्पर्म क्वालिटी में गिरावट के कारण और सुधार के उपाय
स्पर्म क्वालिटी का महत्व
पिता बनने के लिए स्पर्म की गुणवत्ता का अच्छा होना अत्यंत आवश्यक है। खराब स्पर्म क्वालिटी के कारण पिता बनने में कठिनाई हो सकती है। हाल के समय में, 30 साल की उम्र में स्पर्म क्वालिटी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यथार्थ अस्पताल, फरीदाबाद की ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. श्वेता मेंदिरत्ता ने इस विषय पर जानकारी साझा की है।
30 की उम्र में स्पर्म क्वालिटी में गिरावट के कारण
डॉक्टर के अनुसार, कम उम्र में स्पर्म क्वालिटी में गिरावट के कई कारण हो सकते हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण मानसिक तनाव है, जो हार्मोनल संतुलन को प्रभावित करता है और स्पर्म की गुणवत्ता पर असर डालता है। इसके अलावा, पुरुषों की स्पर्म क्वालिटी पर आहार और हार्मोन्स का भी प्रभाव पड़ता है।
स्मोकिंग का प्रभाव
लंबे समय तक स्मोकिंग करने से स्पर्म काउंट पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। निकोटिन का अधिक सेवन स्पर्म काउंट को कम कर सकता है और डीएनए को भी नुकसान पहुंचा सकता है। स्मोकिंग से स्पर्म की मोटिलिटी भी प्रभावित होती है।
मोटापे का असर
मोटापा भी स्पर्म क्वालिटी को खराब करता है। आजकल युवाओं में मोटापे की समस्या बढ़ रही है, जो हार्मोनल बदलावों का कारण बनती है। इससे शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो जाता है, जिसका असर स्पर्म उत्पादन पर पड़ता है।
तनाव का प्रभाव
तनाव स्पर्म क्वालिटी को सबसे अधिक प्रभावित करता है। अधिक तनाव हार्मोन के स्तर को गिरा देता है, जिससे स्पर्म क्वालिटी और इरेक्शन में समस्याएं उत्पन्न होती हैं।
स्पर्म क्वालिटी में सुधार के उपाय
स्पर्म क्वालिटी में सुधार के लिए, अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां और फल शामिल करें।
नट्स और बीजों का सेवन करें।
रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
शराब और स्मोकिंग से दूर रहें।
तनाव को कम करने के लिए नियमित रूप से योग करें।
