2050 तक हिंदू आबादी में वृद्धि: प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट
हिंदू आबादी का वैश्विक परिदृश्य
प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा हाल ही में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, आने वाले वर्षों में कई देशों में हिंदू जनसंख्या में वृद्धि होने की संभावना है। इस अध्ययन में बताया गया है कि 2050 तक हिंदू धर्म के अनुयायियों की संख्या वैश्विक जनसंख्या का 15% तक पहुंच सकती है।
भारत में हिंदुओं की संख्या सबसे अधिक होगी, जो 2050 तक 1.297 बिलियन तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, अन्य देशों की सूची में नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान और अमेरिका शामिल हैं।
नेपाल में हिंदू जनसंख्या 38.12 मिलियन होने का अनुमान है। 2011 की जनगणना के अनुसार, यहां लगभग 81.3% लोग हिंदू हैं। यह देश पहले हिंदू राष्ट्र था, लेकिन बाद में इसे धर्मनिरपेक्ष घोषित किया गया।
बांग्लादेश में हिंदू जनसंख्या 8.96% है, और यहां भी आने वाले समय में वृद्धि की उम्मीद है। पाकिस्तान में हिंदुओं की संख्या 5.63 मिलियन होने का अनुमान है, हालांकि वहां हिंदुओं की स्थिति चिंताजनक है।
अमेरिका में हिंदू जनसंख्या 4.78 मिलियन तक पहुंचने की संभावना है। 2015 में यहां हिंदुओं की संख्या 2.23 मिलियन थी।
इंडोनेशिया में भी हिंदू जनसंख्या 4.15 मिलियन होने का अनुमान है, जबकि यह एक मुस्लिम बहुल देश है।
प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, श्रीलंका, मलेशिया, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा में भी हिंदू जनसंख्या में वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा, ईसाई और मुस्लिम जनसंख्या में भी वृद्धि की संभावना है, जिससे आने वाले समय में इन धर्मों की जनसंख्या लगभग समान हो सकती है।
अध्ययन के अनुसार, वर्तमान में सबसे अधिक मुस्लिम जनसंख्या इंडोनेशिया में है, जहां 219.96 मिलियन मुसलमान रहते हैं। भारत में मुस्लिम जनसंख्या 194.81 मिलियन है, और 2060 तक भारत सबसे अधिक मुस्लिम जनसंख्या वाला देश बन सकता है।
