2026 में सोने और चांदी के लिए संभावनाएं: मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट
2025 का कमोडिटी मार्केट प्रदर्शन
वर्ष 2025 कमोडिटी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष रहा, जिसमें सोने और चांदी ने शेयर बाजार और बांड्स को पीछे छोड़ दिया। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट "Commodities Review 2025 & Preview 2026" के अनुसार, घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में 170% की वृद्धि हुई, जबकि सोने में 76% का उछाल देखा गया। यह वृद्धि केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, आपूर्ति में कमी, मुद्रा में उतार-चढ़ाव और औद्योगिक मांग जैसे कारकों के कारण संभव हुई।
2026 का पूर्वानुमान
अब सवाल यह है कि 2026 में क्या होगा? मोतीलाल ओसवाल की नवीनतम रिपोर्ट (जनवरी 2026 में जारी) के अनुसार, कीमती धातुओं में संरचनात्मक समर्थन बना रहेगा, लेकिन 2025 जैसी एकतरफा रैली की उम्मीद नहीं है। 2026 को समेकन का वर्ष माना गया है, जिसमें पहले तिमाही में अस्थिरता और तेज बिकवाली की संभावना है, लेकिन दीर्घकालिक प्रवृत्ति सकारात्मक रहेगी।
रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु
सोना: केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीदारी और सुरक्षित संपत्ति के रूप में इसकी मजबूती बनी रहेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें $4,750 से $5,000 प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। घरेलू स्तर पर भी स्थिर वृद्धि की उम्मीद है, लेकिन अधिक अस्थिरता नहीं होगी।
चांदी: चांदी सोने को पीछे छोड़ सकती है, क्योंकि इसका दोहरा रोल (कीमती और औद्योगिक धातु) है। ऊर्जा संक्रमण, इलेक्ट्रिफिकेशन और बुनियादी ढांचे से मांग मजबूत रहेगी, जबकि आपूर्ति में कमी जारी रहेगी। MCX पर चांदी के लिए ₹3.20 लाख से ₹3.30 लाख प्रति किलो तक के लक्ष्य दिए गए हैं।
जोखिम: 2026 की पहली तिमाही में भारी अस्थिरता और लाभ बुकिंग से तेज सुधार की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि "यह वर्ष अस्थिर होगा, जिसमें तेज बिकवाली और पुलबैक शामिल होंगे।"
2025 और 2026 का तुलना
| पैरामीटर | 2025 प्रदर्शन | 2026 आउटलुक (पूर्वानुमान) |
|---|---|---|
| सोना | +76% (घरेलू) | संरचनात्मक समर्थन, $4,750-$5,000 तक |
| चांदी | +170% (घरेलू) | आउटपरफॉर्म, ₹3.20-3.30 लाख तक |
| मुख्य ड्राइवर | नीति अनिश्चितता, आपूर्ति में कमी | समेकन, औद्योगिक मांग, अस्थिरता |
| जोखिम | कम (एकतरफा रैली) | उच्च (पहली तिमाही में तेज बिकवाली) |
निवेश सलाह
रिपोर्ट में नवनीत दामानी (कमोडिटीज के प्रमुख शोधकर्ता) ने कहा कि कीमती धातुएं अब "प्रदर्शन-प्रेरित" से "संरचनात्मक रूप से समर्थित" संपत्तियों में बदल रही हैं, जो दीर्घकालिक पोर्टफोलियो स्थिरता प्रदान करेंगी।
निवेश सलाह: यदि आप पहले से निवेश कर चुके हैं, तो बने रहें। नए निवेशकों के लिए SIP-शैली की खरीदारी बेहतर होगी, खासकर चांदी में उच्च जोखिम के कारण सीमित आवंटन रखें। वैश्विक मैक्रो अनिश्चितता (नीति में बदलाव, भू-राजनीतिक तनाव) इन धातुओं को समर्थन देती रहेगी।
