2026 में ग्रहणों का राशियों पर प्रभाव: जानें क्या करें और क्या न करें
ग्रहणों का महत्व और प्रभाव
सूर्य और चंद्र ग्रहण खगोलीय घटनाएं हैं, जिनका धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से विशेष महत्व है। इन ग्रहणों को अशुभ माना जाता है, और इस दौरान शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। 2026 में होने वाले ग्रहण कुछ राशियों के लिए शारीरिक, मानसिक और आर्थिक समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं, इसलिए इन जातकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है.
कुंभ राशि पर पहला सूर्य ग्रहण
17 फरवरी 2026 को कुंभ राशि में होने वाला सूर्य ग्रहण वलयाकाल का होगा। यह ग्रहण कुंभ राशि के जातकों के लिए अशुभ फल ला सकता है, जिससे उनके करियर में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकते हैं। रिश्तों में गलतफहमियां और तनाव बढ़ सकता है, इसलिए धैर्य से काम लेना और जल्दबाजी में निर्णय न लेना आवश्यक है.
कन्या राशि पर पहला चंद्र ग्रहण
3 मार्च 2026 को कन्या राशि में लगने वाला पहला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। यह ग्रहण होलिका दहन के दिन होगा और इसके सूतक काल का मान रखा जाएगा। कन्या राशि के जातकों को इस दौरान भावनात्मक परेशानियों, धन हानि, और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए सावधानी बरतें.
कर्क राशि पर दूसरा सूर्य ग्रहण
12 अगस्त 2026 को कर्क राशि में दूसरा सूर्य ग्रहण होगा, जो पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा लेकिन भारत में नहीं दिखाई देगा। फिर भी, कर्क राशि के जातकों को इस समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। किसी भी विवाद में न पड़ें और जोखिम भरे निवेश से बचें.
मीन राशि पर दूसरा चंद्र ग्रहण
28 अगस्त 2026 को मीन राशि में दूसरा चंद्र ग्रहण होगा, जो काफी प्रभावशाली रहेगा। यह ग्रहण मीन राशि के जातकों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान हो सकता है। लेन-देन में सावधानी बरतें और भावनात्मक उतार-चढ़ाव से बचने के लिए ध्यान करें.
