2025 में भारत की सीमाओं पर ड्रोन घुसपैठ की घटनाओं में वृद्धि

रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि 2025 में जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में पाकिस्तान से सटी सीमाओं पर ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं बढ़कर 791 हो गई हैं। मंत्रालय के अनुसार, भारतीय सेना ने इस दौरान 237 ड्रोन को नष्ट किया है। सुरक्षा स्थिति में सुधार के साथ, स्थानीय लोगों ने विकास की दिशा में कदम बढ़ाया है। पाकिस्तान की छद्म युद्ध रणनीति और ड्रोन निर्माण में आत्मनिर्भरता पर भी चर्चा की गई है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या जानकारी दी गई है।
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2025 में भारत की सीमाओं पर ड्रोन घुसपैठ की घटनाओं में वृद्धि

ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं

जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में पाकिस्तान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 2025 में कुल 791 ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं दर्ज की गईं, जैसा कि रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को बताया।


रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इनमें से जम्मू और कश्मीर में नौ घटनाएं और पंजाब तथा राजस्थान में 782 घटनाएं हुईं।


ड्रोन के खतरे का मुकाबला

मंत्रालय ने कहा कि पश्चिमी मोर्चे पर 'स्पूफर और जैमर' का प्रभावी उपयोग ड्रोन के खतरे का मुकाबला करने में काफी सफल रहा।


समीक्षा वक्तव्य में बताया गया कि भारतीय सेना ने इस अवधि में अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र में 237 ड्रोन को नष्ट किया, जिनमें विस्फोटक युक्त पांच ड्रोन, मादक पदार्थ से भरे 72 ड्रोन और बिना किसी सामग्री वाले 161 ड्रोन शामिल हैं।


सुरक्षा स्थिति में सुधार

मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारतीय सेना के प्रयासों के कारण जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति 'पूर्ण नियंत्रण में' है।


लोगों ने विकास की दिशा में कदम बढ़ाया है और वे सरकार और सेना की पहलों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।


इससे हिंसा के स्तर में कमी आई है और विरोध प्रदर्शन भी घटे हैं।


पाकिस्तान की रणनीति

वार्षिक समीक्षा में कहा गया कि पाकिस्तान ने 2023-24 के दौरान पुंछ-राजौरी क्षेत्र को 'छद्म युद्ध के केंद्र' के रूप में सक्रिय करने का प्रयास किया।


इसलिए, 2025 के लिए लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया, जिसमें घुसपैठ-विरोधी ग्रिड को मजबूत करना और स्थानीय स्तर पर आतंकवादियों की भर्ती को कम करना शामिल है।


ड्रोन निर्माण में आत्मनिर्भरता

मंत्रालय ने कहा कि ड्रोन और गोला-बारूद उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए 515 आर्मी बेस कार्यशालाओं ने विश्वसनीय ड्रोन निर्माण क्षमता स्थापित की है।


अब तक, 819 ड्रोन (193 निगरानी, 337 आत्मघाती/सशस्त्र, 289 पायलट द्वारा नियंत्रित) बनाए जा चुके हैं।


घुसपैठ की घटनाओं का आंकड़ा

पिछले साल के आंकड़ों के अनुसार, भारत-बांग्लादेश सीमा पर 2014 से घुसपैठ की सबसे अधिक कोशिशें हुईं, जिसमें 2024 तक 7,528 मामले दर्ज किए गए।


इसके बाद भारत-पाकिस्तान सीमा पर 425 मामले और भारत-म्यांमार सीमा पर 298 मामले सामने आए।


गृह राज्य मंत्री ने लोकसभा में बताया कि भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ का कोई मामला नहीं आया।