1990 का हत्या का मामला: पामेला स्मार्ट की कहानी

1990 में न्यू हैंपशायर में ग्रेग स्मार्ट की हत्या ने एक रहस्य को जन्म दिया। उनकी पत्नी पामेला स्मार्ट पर हत्या की साजिश का आरोप लगा। जानें कैसे एक प्रेम कहानी ने एक खतरनाक मोड़ लिया और अदालत में क्या हुआ। यह कहानी न केवल एक हत्या की है, बल्कि विश्वास और धोखे की भी है।
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एक रहस्यमय हत्या की शुरुआत

1990 का हत्या का मामला: पामेला स्मार्ट की कहानी


यह कहानी 1 मई 1990 की है, जब न्यू हैंपशायर में 24 वर्षीय ग्रेग स्मार्ट की लाश उनके घर से मिली। सिर पर गोली के निशान ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह कोई साधारण घटना नहीं थी। पुलिस की जांच ने जल्दी ही ग्रेग की पत्नी, 22 वर्षीय पामेला स्मार्ट, पर ध्यान केंद्रित किया।


पामेला और ग्रेग की मुलाकात 1986 में एक संगीत कार्यक्रम के दौरान हुई थी। दोनों ने कॉलेज के दिनों में एक-दूसरे को पसंद करना शुरू किया और 1989 में शादी कर ली। ग्रेग एक बीमा एजेंट थे, जबकि पामेला एक स्कूल में मीडिया कोऑर्डिनेटर थीं। बाहरी नजर से उनकी जिंदगी परफेक्ट लगती थी, लेकिन अंदर कई समस्याएं थीं।


जब पामेला ने पुलिस को फोन कर बताया कि उनके घर में चोरी हुई है और उनके पति को किसी ड्रग एडिक्ट ने मारा है, तो पुलिस को कुछ संदिग्ध लगा। घर में सब कुछ सामान्य था, सिवाय ग्रेग के खून से लथपथ शव के। जांच के दौरान पामेला का असली चेहरा सामने आने लगा।


पुलिस ने पाया कि पामेला का संबंध अपने स्कूल के 16 वर्षीय छात्र विलियम 'बिली' फ्लिन से था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सबूत एकत्रित होते गए और बिली तथा उसके दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।


अदालत में बिली ने चौंकाने वाला बयान दिया, जिसमें उसने कहा कि गोली उसने पामेला के कहने पर चलाई। उसने यह भी कहा कि पामेला तलाक के डर से सब कुछ खोने से चिंतित थी। पामेला ने सभी आरोपों से इनकार किया, लेकिन बिली के दोस्तों ने उसके खिलाफ गवाही दी। अंततः 1991 में पामेला को हत्या की साजिश और अन्य अपराधों में दोषी ठहराया गया।