16 दिन बाद मलबे से जिंदा निकला व्यक्ति, प्रशासन पर उठे सवाल
चमत्कारिक बचाव की कहानी
एक अद्भुत घटना में, जिसे मृत मानकर दफनाया गया था, वही व्यक्ति 16 दिन बाद मलबे से जिंदा निकाला गया। यह समाचार न केवल स्थानीय निवासियों को बल्कि प्रशासन और बचाव दल को भी चौंका दिया।
कुछ समय पहले एक इमारत के ढहने के बाद राहत कार्य चलाए गए थे। इस दौरान कई लोगों को मलबे से निकाला गया, जिनमें से कुछ की मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। इसी बीच एक व्यक्ति को मृत मान लिया गया और उसके परिवार ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर दी।
हालांकि, 16 दिन बाद मलबे के पास से किसी की मदद के लिए पुकारने की आवाज सुनाई दी—“मुझे निकालो, मैं जिंदा हूं।” आसपास के लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचित किया, जिसके बाद बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबे को हटाने का कार्य प्रारंभ किया।
कड़ी मेहनत के बाद जब व्यक्ति को बाहर निकाला गया, तो सभी हैरान रह गए—वह वही व्यक्ति था जिसे पहले मृत घोषित कर दफनाया गया था। उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
डॉक्टरों का कहना है कि इतने लंबे समय तक जीवित रहना किसी चमत्कार से कम नहीं है। संभवतः मलबे के भीतर उसे थोड़ी हवा और नमी मिलती रही, जिससे उसकी सांसें चलती रहीं।
इस घटना ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए हैं—किसी को बिना पूरी पुष्टि के मृत कैसे घोषित किया गया? राहत और बचाव कार्यों में लापरवाही की भी जांच की मांग उठ रही है।
फिलहाल, यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, जबकि विशेषज्ञ इसे असाधारण लेकिन संभव घटना बता रहे हैं। 16 दिन बाद जिंदगी की यह वापसी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती।
