103 वर्षीय महिला की चमत्कारिक वापसी, अंतिम संस्कार से पहले जीवित हुईं

नागपुर जिले के रामटेक कस्बे में 103 वर्षीय गंगाबाई सावजी सखारे की चमत्कारिक वापसी ने सभी को चौंका दिया। अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच, उन्होंने अचानक अपनी उंगलियां हिलाईं और जीवित हो गईं। जानें इस अद्भुत घटना के पीछे की कहानी और परिवार की प्रतिक्रिया।
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103 वर्षीय महिला की चमत्कारिक वापसी, अंतिम संस्कार से पहले जीवित हुईं

गंगाबाई सावजी सखारे का अद्भुत अनुभव

नागपुर जिले के रामटेक कस्बे में एक अनोखी घटना घटी, जब 103 वर्षीय गंगाबाई सावजी सखारे अंतिम संस्कार से कुछ घंटे पहले जीवित हो गईं। यह घटना सोमवार को हुई, जब उनके परिवार ने देखा कि गंगाबाई की उंगलियां हिलने लगीं, जिससे सभी हैरान रह गए।


परिजनों के अनुसार, गंगाबाई पिछले दो महीनों से बिस्तर पर थीं और हाल के दिनों में केवल दो चम्मच पानी पीकर जीवित थीं।


12 जनवरी को शाम लगभग पांच बजे, उनका शरीर किसी भी प्रतिक्रिया देना बंद कर चुका था, जिसके बाद उन्हें मृत मान लिया गया और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी गईं। घर के बाहर शामियाना लगाया गया, कुर्सियां लगाई गईं, और शव वाहन भी बुक किया गया।


मृत होने की सूचना सोशल मीडिया पर साझा की गई, जिसके बाद रिश्तेदार दूर-दूर से आने लगे। हालांकि, शाम करीब सात बजे गंगाबाई ने अचानक अपने पैर की उंगलियां हिलाईं।


उनके पोते राकेश सखारे ने कहा, 'मैंने उनके पैर हिलते देखे और मदद के लिए चिल्लाया। जब हमने उनकी नाक से रुई हटाई, तो उन्होंने जोर-जोर से सांस लेना शुरू कर दिया।' यह घटना गंगाबाई के लिए नया जीवन लेकर आई, खासकर क्योंकि 13 जनवरी उनका जन्मदिन है।