होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित संघर्ष
संघर्ष की नई लहर
होर्मुज जलडमरूमध्य में एक नया संघर्ष शुरू होने की संभावना है। ट्रंप अपनी प्रतिष्ठा को बनाए रखने और इस क्षेत्र पर नियंत्रण के लिए युद्धविराम को तोड़ने का निर्णय ले सकते हैं। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका के कारण सात से अधिक शहरों में रहस्यमय विस्फोट हुए हैं, जिसके जवाब में ईरान भी कार्रवाई कर सकता है। अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह होर्मुज से समुद्री खानों को हटाने की योजना बना रहा है, जिसके चलते ईरान ने अपने युद्धपोतों की संख्या बढ़ा दी है और निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए हैं।
अमेरिका का ऑपरेशन
अमेरिका जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री खानों को हटाने के लिए एक ऑपरेशन शुरू कर सकता है। पेंटागन ने इसके लिए एक योजना तैयार की है, जिसमें कई नाटो देश भी शामिल हो सकते हैं। यह ऑपरेशन तीन चरणों में किया जाएगा।
- पहले चरण में, समुद्री खानों के पास सुरक्षित मार्ग बनाया जाएगा ताकि माइन स्वीपर जहाज वहां पहुंच सकें। इस दौरान सैटेलाइट से निगरानी की जाएगी।
- दूसरे चरण में, समुद्री खानों को साफ करने की तैयारी की जाएगी, जिसमें युद्धपोतों द्वारा खानों के क्षेत्र को घेरना शामिल होगा।
- तीसरे चरण में, खानों को नष्ट करने का कार्य शुरू होगा, जिसमें सोनार तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
ईरान की रणनीति
ईरान ने होर्मुज में समुद्री खानों की स्थिति को बहुत सोच-समझकर निर्धारित किया है, ताकि तेल टैंकर तभी प्रवेश कर सकें जब उन्हें अनुमति दी जाए। ईरान ने जीपीएस के माध्यम से स्थान बदलने वाली खानों को भी तैनात किया है।
ईरान ने ओमान के मसनदम द्वीप से लेकर लारक द्वीप तक, होर्मुज द्वीप और बंदर अब्बास पोर्ट तक समुद्री खानों को बिछाया है। यदि ईरान अनुमति देता है, तो टैंकरों के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होता है, लेकिन जबरन प्रवेश करने पर खानों में विस्फोट हो सकता है।
अमेरिका का युद्धविराम उल्लंघन
अमेरिका ने होर्मुज और बंदर अब्बास में एक विशेष कमांड सेंटर स्थापित किया है, जहां हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। ईरान ने सात शहरों में विस्फोटों का आरोप अमेरिका पर लगाया है। इन विस्फोटों में तेहरान, इस्फहान, कुम, करज, और अन्य शहर शामिल हैं।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान इन विस्फोटों से चिंतित है और इसे युद्धविराम का उल्लंघन मानता है। अमेरिका ने भी कहा है कि ईरान किसी बड़े ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है।
ईरान ने रहस्यमय धमाकों का बदला लेने के लिए सैबटाज हमलों की आशंका जताई है। हाल ही में USS ज़ुमवाल्ट और USS फोर्ड में आग लगने की घटनाएं हुई हैं, जो संभावित साइबर हमले का परिणाम हो सकती हैं।
साइबर हमले की चेतावनी
ईरान ने साइबर हमले की चेतावनी भी दी है, जिससे अमेरिका को एक नए संकट का सामना करना पड़ सकता है। यदि ऐसा होता है, तो तनाव अरब से यूरोप तक फैल सकता है।
