हिज़्बुल्लाह ने इजरायली ठिकानों पर 43 सैन्य अभियानों की जिम्मेदारी ली

हिज़्बुल्लाह ने इजरायली ठिकानों पर 43 सैन्य अभियानों की जिम्मेदारी ली है, जो कथित युद्धविराम उल्लंघनों और इजरायल की सैन्य गतिविधियों के जवाब में किए गए। संगठन ने गोलान हाइट्स और अन्य क्षेत्रों में ड्रोन हमलों का भी दावा किया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हाल के हमलों में 2,055 लोग मारे जा चुके हैं। हिज़्बुल्लाह ने इन हमलों को अपने देश की रक्षा का कर्तव्य बताया है।
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हिज़्बुल्लाह के हमले

ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, हिज़्बुल्लाह के इस्लामिक प्रतिरोध संगठन ने रविवार को इजरायली ठिकानों और सैन्य प्रक्षेपणों पर 43 सैन्य अभियानों का दावा किया है। संगठन का कहना है कि ये हमले कथित युद्धविराम उल्लंघनों और लेबनान में इजरायल की निरंतर सैन्य गतिविधियों के जवाब में किए गए। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन अभियानों में सीमा के निकट स्थित इजरायली सैन्य ठिकानों के साथ-साथ कब्जे वाले क्षेत्रों, जैसे कि सीरिया के गोलान हाइट्स और उत्तरी इजरायल को भी निशाना बनाया गया।


इन हमलों में गोलान हाइट्स के अल-अलीका बैरक पर एक संचार सुविधा पर ड्रोन हमले का भी समावेश है, जिसे संगठन ने सीधे निशाने पर लिया। इसके अलावा, लेबनान के मैस अल-जबल में एक अस्पताल के निकट इजरायली मरकावा टैंक पर भी ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली गई है। रिपोर्ट के अनुसार, समूह ने अल-बय्यादा, यारौन और कफ़र युवल जैसे क्षेत्रों में इजरायली सैनिकों के जमावड़े पर समन्वित ड्रोन हमले किए और किरयात शमोना, नाहरिया और इजरायल के 146वें डिवीजन के मुख्यालय को निशाना बनाकर रॉकेट दागे।


प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, समूह ने कहा कि रविवार सुबह से लेकर देर रात तक अभियान जारी रहे, जिसमें खियाम, बिन्त जबील, तैबेह और ऐता अल-शाब जैसे कई सीमावर्ती कस्बों में सैनिकों की आवाजाही और सैन्य जमावड़े को निशाना बनाया गया। हिज़्बुल्लाह ने इन हमलों को 'लेबनान और उसके लोगों की रक्षा करने का कर्तव्य' बताया और इजरायल पर बार-बार युद्धविराम समझौतों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।


उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इजरायल-अमेरिकी आक्रामकता लेबनान के खिलाफ जारी रहती है, तो उनके अभियान भी जारी रहेंगे। प्रेस टीवी द्वारा उद्धृत बयान में कहा गया है, 'इस्लामिक प्रतिरोध अपने देश और जनता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।' बयान में आगे कहा गया है कि ये हमले इजरायल द्वारा लगातार बढ़ते सैन्य तनाव को कम करने के उद्देश्य से किए गए हैं। अल जज़ीरा के अनुसार, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2 मार्च को इजरायली हमले की शुरुआत के बाद से अब तक लेबनान में कुल 2,055 लोग मारे जा चुके हैं।