हर शुक्रवार दुल्हन बनती हैं हीरा जीशान: एक अनोखी कहानी

हीरा जीशान, एक पाकिस्तानी महिला, पिछले 19 वर्षों से हर शुक्रवार को दुल्हन बनती हैं। यह अनोखा शौक उनकी मां की अंतिम इच्छा को पूरा करने और व्यक्तिगत दुख से उबरने का एक तरीका है। जानें उनकी कहानी और इस अनोखे उत्सव के पीछे की भावनाएं।
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हर शुक्रवार का अनोखा उत्सव


हर लड़की का सपना होता है कि वह एक बार दुल्हन बने। हालांकि, कुछ महिलाओं को यह अनुभव कई बार मिलता है। आज हम आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताएंगे, जो हर शुक्रवार को दुल्हन की तरह सजती हैं। जानिए, यह महिला कौन हैं और उनके इस अनोखे शौक के पीछे की कहानी क्या है।


हीरा जीशान, जो पाकिस्तान के लाहौर की निवासी हैं, पिछले 19 वर्षों से हर शुक्रवार को दुल्हन की तरह सजती आ रही हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब उनकी मां गंभीर रूप से बीमार थीं और उनकी अंतिम इच्छा थी कि वह अपनी बेटी की शादी होते हुए देखें। इस इच्छा को पूरा करने के लिए, जीशान ने उस व्यक्ति से शादी की, जो उनकी मां को खून देने आया था। शादी अस्पताल में हुई और उनकी विदाई रिक्शे से की गई। कुछ समय बाद, उनकी मां का निधन हो गया।


जीशान के जीवन में शादी के बाद 6 बच्चे हुए, जिनमें से दो की मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना ने उन्हें डिप्रेशन में डाल दिया। इससे उबरने के लिए, उन्होंने हर शुक्रवार को दुल्हन की तरह सजने का निर्णय लिया। यह प्रक्रिया उन्हें खुशी देती है और उनके अकेलेपन को दूर करती है, क्योंकि उनके पति लंदन में रहते हैं।