स्पेन ने अमेरिका के हवाई हमलों के लिए हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से किया इनकार

स्पेन ने अमेरिका को ईरान पर हमले के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से रोक दिया है, जो नाटो के एक सहयोगी देश के रूप में एक महत्वपूर्ण निर्णय है। यह कदम अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है। स्पेनिश सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी सैन्य कार्रवाई में भाग नहीं लेगी। जानें इस निर्णय के पीछे की वजहें और अमेरिका के लिए इसके संभावित परिणाम।
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स्पेन का ऐतिहासिक निर्णय

स्पेन ने अमेरिका को एक महत्वपूर्ण संदेश भेजा है, जब उसने अमेरिकी लड़ाकू विमानों को ईरान पर हमले के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से रोक दिया। स्पेनिश सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह किसी भी अमेरिकी सैन्य विमान को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने की अनुमति नहीं देगी। यह निर्णय नाटो के एक सहयोगी देश द्वारा लिया गया है, जो अमेरिका के लिए एक बड़ा झटका है।


अमेरिका और इजराइल के हमले की तैयारी

जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत की घोषणा की, तब स्पेन ने मार्च की शुरुआत में यह निर्णय लिया। अमेरिका और इजराइल के सैन्य ठिकानों का उपयोग करके ईरान पर हमले की योजना के लिए स्पेन ने अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी।


स्पेन का ठोस रुख

स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बोरेस ने कहा कि संयुक्त सैन्य ठिकानों का उपयोग यूएन चार्टर और स्पेन-अमेरिका समझौतों के खिलाफ होगा। 30 मार्च 2026 को, स्पेन ने फिर से यह स्पष्ट किया कि न तो हवाई क्षेत्र की अनुमति है और न ही सैन्य ठिकानों का उपयोग। रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोब्स ने भी कहा कि स्पेन किसी भी युद्ध में भाग नहीं लेगा।


अमेरिका के लिए नई चुनौतियाँ

अब अमेरिकी विमानों को जर्मनी, इटली या पुर्तगाल के रास्ते जाना पड़ रहा है, जो कि लंबा और महंगा है। ट्रंप ने स्पेन के साथ व्यापार संबंध तोड़ने की धमकी दी, लेकिन स्पेन ने अपने रुख में कोई बदलाव नहीं किया। स्पेन की वामपंथी सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका और इजराइल के एकतरफा हमलों का समर्थन नहीं करेगी।