स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव: अमेरिकी रक्षा विभाग की चेतावनी

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में चल रहे तनाव के कारण अमेरिकी रक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि इस समुद्री मार्ग को सुरक्षित करने में लगभग छह महीने लग सकते हैं। ईरान द्वारा बिछाई गई माइंस और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत में गतिरोध ने वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता पर भी असर पड़ रहा है। जानें इस स्थिति का विस्तृत विश्लेषण और इसके संभावित परिणाम।
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव का दीर्घकालिक प्रभाव

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में चल रहे तनाव का समाधान जल्द होने की संभावना नहीं है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने संसद को सूचित किया है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पूरी तरह से सुरक्षित करने और यहां बिछाई गई समुद्री माइंस को हटाने में लगभग छह महीने का समय लग सकता है। इसका मतलब है कि भले ही शांति समझौता हो जाए, लेकिन तेल और व्यापार पर प्रभाव लंबे समय तक बना रह सकता है।


ईरान की समुद्री माइंस का खतरा

वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने इस क्षेत्र में 20 से अधिक माइंस बिछाई हैं। इनमें से कुछ माइंस GPS तकनीक का उपयोग करके दूर से छोड़ी गई हैं, जिससे उन्हें पकड़ना कठिन हो जाता है। वहीं, कुछ माइंस छोटी नावों के माध्यम से समुद्र में रखी गई हैं। हालांकि, पेंटागन ने इस जानकारी को सार्वजनिक रूप से गलत बताया है, लेकिन यह जानकारी सांसदों को एक गोपनीय बैठक में दी गई थी।


अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। युद्ध शुरू होने से पहले, लगभग 20% तेल इसी मार्ग से गुजरता था। जापान, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे कई एशियाई देश अपने तेल के लिए इस मार्ग पर निर्भर हैं। इस क्षेत्र में रुकावट का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है।


अमेरिका में भी इसका असर स्पष्ट है। वहां पेट्रोल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। फरवरी में युद्ध शुरू होने से पहले एक गैलन पेट्रोल की कीमत 2.98 डॉलर थी, जो अब बढ़कर 4.02 डॉलर हो गई है। अमेरिकी सरकार का कहना है कि कीमतें जल्दी कम नहीं होंगी और सितंबर तक राहत मिल सकती है, जब कीमतें 3 डॉलर तक आ सकती हैं।


US-ईरान के बीच बातचीत में गतिरोध

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम नहीं हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम समाप्त करे, संवर्धित यूरेनियम सौंपे और होर्मुज को पूरी तरह से खोले। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसकी नाकेबंदी समाप्त नहीं करेगा, वह बातचीत नहीं करेगा। जानकारी के अनुसार, ईरान ने मार्च से ही इस क्षेत्र में माइंस बिछाना शुरू कर दिया था, जब अमेरिका और इजराइल उसके खिलाफ हमले कर रहे थे।


इसके जवाब में, अमेरिका ने ईरानी जहाजों को निशाना बनाना शुरू किया। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि उनकी सेना ऐसे जहाजों को सख्ती से नष्ट कर रही है। हालांकि, कुछ समय के लिए युद्धविराम के दौरान जहाजों की आवाजाही शुरू हुई थी, लेकिन हाल ही में ईरान की फायरिंग के बाद फिर से ट्रैफिक रुक गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक समुद्र में माइंस मौजूद हैं, तब तक यहां से जहाजों का गुजरना बहुत खतरनाक रहेगा।