सिद्धार्थनगर में पानी की टंकी पर फंसे बच्चों का सेना ने किया रेस्क्यू

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में एक पानी की टंकी पर चढ़े बच्चों का रेस्क्यू करने के लिए सेना को बुलाना पड़ा। घटना में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। फंसे हुए बच्चों को बचाने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली गई। जानें इस घटना के बारे में विस्तार से और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बारे में।
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सिद्धार्थनगर में पानी की टंकी पर फंसे बच्चों का सेना ने किया रेस्क्यू gyanhigyan

सिद्धार्थनगर में बच्चों का रेस्क्यू

सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में एक पानी की टंकी पर फंसे दो बच्चों को बचाने के लिए सेना की सहायता की आवश्यकता पड़ी। दरअसल, पांच बच्चे एक पुरानी पानी की टंकी पर चढ़ गए थे, लेकिन सीढ़ी के टूटने से तीन बच्चे नीचे गिर गए। इनमें से एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, दो बच्चे टंकी पर फंसे रहे। उन्हें सेना के हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित नीचे उतारा गया।


टंकी की स्थिति

पुलिस के अनुसार, कांशीराम कॉलोनी में रहने वाले पांच लड़के शनिवार को लगभग 30 साल पुरानी और जर्जर पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। जब वे नीचे उतरने लगे, तभी सीढ़ी अचानक गिर गई, जिससे तीन लड़के नीचे गिर गए और दो अन्य टंकी पर फंसे रह गए। पुलिस ने बताया कि फंसे हुए बच्चों को बचाने के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन बारिश के कारण काम में बाधा आ रही थी। इसके बाद गोरखपुर से वायु सेना का हेलीकॉप्टर बुलाया गया।


घायलों की स्थिति

पुलिस ने बताया कि घायल बच्चों में गोलू (12), सनी (14) और सिद्धार्थ (10) शामिल थे। सिद्धार्थ को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि गोलू और सनी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें गोरखपुर के बड़े अस्पताल में भेजा गया। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी. एन. ने बताया कि फंसे हुए पवन (14) और शाबान (12) को बचाने के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन बारिश के कारण यह कार्य बाधित हो गया।


सेना की मदद से रेस्क्यू

जिलाधिकारी ने बताया कि स्थिति को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय और राहत एवं आपदा विभाग से संपर्क किया और गोरखपुर से वायु सेना का हेलीकॉप्टर मंगवाया। हेलीकॉप्टर की मदद से रविवार सुबह करीब पांच बजकर 20 मिनट पर दोनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वे और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सेना के सहयोग से यह चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।