सहारनपुर में आवारा कुत्तों का हमला, 110 भेड़ों की हुई मौत

सहारनपुर के अंबेहटा नगर में बुधवार रात आवारा कुत्तों के झुंड ने एक भेड़ बाड़े में घुसकर 110 भेड़ों को मार डाला। इस हमले में पीड़ित पशुपालक को 15 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। घटना के बाद स्थानीय निवासियों में आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। जानिए इस घटना के पीछे की वजह और ग्रामीणों की प्रतिक्रिया के बारे में।
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सहारनपुर में कुत्तों का आतंक

सहारनपुर। जनपद के अंबेहटा नगर के मुहल्ला किला में बुधवार रात आवारा कुत्तों के एक झुंड ने ऐसा उत्पात मचाया कि पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। रात के अंधेरे में, कुत्तों ने पांच फीट ऊंची दीवार को पार करते हुए एक भेड़ बाड़े में घुसकर 110 भेड़ों को मार डाला। पीड़ित पशुपालक ने इस घटना में 15 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान लगाया है।


सहारनपुर में आवारा कुत्तों का हमला, 110 भेड़ों की हुई मौत


बारिश बनी हादसे का कारण


पीड़ित प्रीतम, जो अंबेहटा का निवासी है, ने बताया कि वह हर रात की तरह बुधवार को भी भेड़ों के बाड़े के पास सोया हुआ था। रात करीब दो बजे जब तेज बारिश शुरू हुई, तो वह बाड़े से कुछ दूर एक कमरे में चला गया। थोड़ी देर बाद उसे सूचना मिली कि कुत्ते बाड़े में घुस आए हैं और भेड़ों पर हमला कर रहे हैं।


जब प्रीतम मौके पर पहुंचा, तो उसने देखा कि बाड़े के एक कोने में मृत भेड़ों का ढेर लगा हुआ था। कुत्तों ने 2025 भेड़ों के गले पर सीधे काटकर उन्हें मार डाला, जबकि अन्य भेड़ों की मृत्यु दम घुटने और भय के कारण हुई। बाड़े में कुल लगभग 200 भेड़ें थीं, जिनमें से 110 इस हमले में मारी गईं।


गर्भवती भेड़ें और बच्चे भी बने शिकार


इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि मृत भेड़ों में 30 गर्भवती थीं, जिनकी आर्थिक कीमत सामान्य से कहीं अधिक है। इसके अलावा, एक दर्जन से अधिक दूधमुंहे भेड़ के बच्चों को भी कुत्तों ने मार डाला।


अवैध कटान का प्रभाव


पीड़ित प्रीतम और स्थानीय निवासियों का मानना है कि कुत्तों की बढ़ती आक्रामकता के लिए अवैध कटान जिम्मेदार है। प्रीतम ने बताया कि भेड़ के बाड़े से मात्र 20 मीटर की दूरी पर एक तालाब है, जहां कुछ लोग अवैध रूप से पशु कटान के अवशेष डालते हैं। इन अवशेषों को खाने के लिए कुत्तों का झुंड तालाब के आसपास मंडराता रहता है, जिससे वे आक्रामक हो गए हैं।


ग्रामीणों का आक्रोश


सुबह होते ही घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। नगरवासियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आवारा कुत्तों का आतंक इतना बढ़ गया है कि रात में सड़क पर निकलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध कटान पर रोक लगाने और आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी मांग उठाई जा रही है।