शेयर बाजार में अगले हफ्ते संभावित उतार-चढ़ाव के कारण
आगामी सप्ताह में शेयर बाजार की स्थिति
अगले सप्ताह शेयर बाजार में महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसके पीछे कई कारण हैं, जैसे जियो-पॉलिटिकल तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की स्थिति और तिमाही नतीजे। इसके साथ ही, पांच राज्यों के चुनाव परिणाम भी बाजार में हलचल पैदा कर सकते हैं। विशेष रूप से, पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां अधिकांश एग्जिट पोल बीजेपी की जीत का अनुमान लगा रहे हैं.
पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम
लिवलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक और अनुसंधान विश्लेषक हरिप्रसाद ने कहा कि प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनावों के परिणाम सबसे महत्वपूर्ण कारक होंगे। निवेशक यह देख रहे हैं कि क्या केंद्र में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस को पश्चिम बंगाल में हरा सकता है। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने बताया कि बाजार चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देगा, खासकर पश्चिम बंगाल में, जिससे कुछ दिनों तक उतार-चढ़ाव संभव है.
ईरान के साथ शांति वार्ता की स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में कहा कि वे ईरान के साथ मौजूदा संघर्ष पर बातचीत के लिए संतुष्ट नहीं हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका अपना दृष्टिकोण बदलता है, तो वे कूटनीति के लिए तैयार हैं। ट्रम्प की टिप्पणियों से यह स्पष्ट होता है कि संघर्ष में गतिरोध बना रह सकता है, भले ही वे इसे समाप्त करने की कोशिश कर रहे हों.
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
हाल ही में कच्चे तेल के वायदा भाव में भारी गिरावट आई, लेकिन कीमतें अभी भी साप्ताहिक बढ़त की ओर हैं। जुलाई डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड 108.17 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 101.94 डॉलर पर बंद हुआ। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट का लंबे समय तक बंद रहना कच्चे तेल की कीमतों को 110-150 डॉलर तक पहुंचा सकता है.
चौथी तिमाही की कमाई के आंकड़े
कोटक महिंद्रा बैंक और DMart ने मार्च तिमाही के अपने कमाई के आंकड़े जारी किए। DMart ने 656.6 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही की तुलना में 19% अधिक है। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक ने 4,026.55 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.3% की वृद्धि दर्शाता है.
रुपये की स्थिति
गुरुवार को भारतीय रुपया गिरकर 95.33 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। निवेशक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से चिंतित हैं। रुपये के लिए तत्काल प्रतिरोध 95 से 95.20 रुपये के बीच है। यदि रुपया इस दायरे से ऊपर बना रहता है, तो यह और गिर सकता है. निकट भविष्य में रुपये का रुख सावधानी भरा और तेजी की ओर झुका हुआ है.
