शनि अमावस्या 2026: 16 मई को करें ये 5 उपाय, बदल सकती है किस्मत
शनि अमावस्या 2026, जो 16 मई को मनाई जाएगी, शनि देव को प्रसन्न करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन विशेष उपायों के माध्यम से शनि साढ़े साती और शनि ढैय्या से मुक्ति पाई जा सकती है। जानें इस दिन के 5 प्रभावी उपाय, जो आपकी किस्मत को बदल सकते हैं।
| May 7, 2026, 13:50 IST
शनि अमावस्या का महत्व
शनि अमावस्या, जिसे शनि जयंती और शनिश्चरी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, शनि देव को प्रसन्न करने का एक विशेष दिन है। यह दिन उन लोगों के लिए वरदान साबित होता है जो शनि साढ़े साती या शनि ढैय्या से परेशान हैं। इस वर्ष, शनि अमावस्या 16 मई को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं कि इस दिन किन उपायों से आप शनि देव को प्रसन्न कर सकते हैं।
शनि अमावस्या के 5 प्रभावी उपाय
- पीपल के पेड़ पर दीपक: शनि अमावस्या की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इस दीपक में कुछ काले तिल डालकर, पेड़ की सात बार परिक्रमा करें। ऐसा करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है।
- छाया दान: शनि साढ़े साती से मुक्ति के लिए छाया दान करना भी एक महत्वपूर्ण उपाय है। एक कांसे या लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देखकर, इसे किसी जरूरतमंद को दान करें या शनि मंदिर में रखें। इससे कष्टों से छुटकारा मिलता है।
- दान: इस दिन काले तिल, काला कपड़ा, लोहे के बर्तन, सरसों का तेल और काली उड़द की दाल का दान करना शुभ माना जाता है। इससे शनि दोष से मुक्ति मिलती है।
- शनि मंत्रों का जाप: शनि अमावस्या पर शनि मंदिर में बैठकर शनि के किसी भी मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इससे शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। शनि मंत्र: ॐ शं शनैश्चराय नमः।
- हनुमान जी की उपासना: शनि देव को प्रसन्न करने के लिए हनुमान जी की उपासना करें। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करने से साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है।
